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भारत के हमले से छत-विछत हुए पाकिस्तान के जैकोबाबाद एयरबेस पर चल रहा रिपेयरिंग काम, सामने आईं सैटेलाइट तस्वीरें

जैकोबाबाद एयरबेस, जो पाकिस्तान के सिंध प्रांत के उत्तरी हिस्से में स्थित है, भारत की ओर से 10 मई 2025 को किए गए सटीक हमलों का निशाना बना था.

Gyanendra Tiwari
भारत के हमले से छत-विछत हुए पाकिस्तान के जैकोबाबाद एयरबेस पर चल रहा रिपेयरिंग काम, सामने आईं सैटेलाइट तस्वीरें

पाकिस्तान के जैकोबाबाद एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के हमलों के बाद हुए नुकसान की मरम्मत का काम शुरू हो गया है. हाल ही में जारी एक सैटेलाइट तस्वीर से पता चला है कि इस एयरबेस पर क्षतिग्रस्त हुए एक हैंगर को अब तिरपाल से ढक दिया गया है, जो मरम्मत या बहाली के काम का संकेत देता है. यह हमला पिछले महीने भारत के ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा था.

जैकोबाबाद एयरबेस, जो पाकिस्तान के सिंध प्रांत के उत्तरी हिस्से में स्थित है, भारत की ओर से 10 मई 2025 को किए गए सटीक हमलों का निशाना बना था. भारतीय रक्षा अधिकारियों और मई में मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों ने पुष्टि की थी कि इस एयरबेस को सीधा नुकसान पहुंचा था. जियो-इंटेलिजेंस विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने द इंटेल लैब की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें साझा कीं, जिनमें दिखाया गया कि 12 मई को क्षतिग्रस्त दिखने वाला हैंगर 1 जून तक तिरपाल से ढक गया था. यह मरम्मत के काम की शुरुआत का संकेत हो सकता है.

ऑपरेशन सिंदूर और हमले

ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. 7 मई को शुरू हुए इस ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया. इसके बाद 9-10 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनमें नूर खान, रफीकी, मुरिद, सुक्कुर, सियालकोट, पसरूर, चुनियां, सरगोधा, स्कर्दू, भोलारी और जैकोबाबाद के एयरबेस शामिल थे.

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि जैकोबाबाद के शाहबाज एयरबेस और भोलारी एयरबेस को भारी नुकसान हुआ. इन तस्वीरों ने पाकिस्तान के "न्यूनतम नुकसान" के दावों को खारिज कर दिया. जैकोबाबाद में एक हैंगर को निशाना बनाया गया, जहां मलबा और क्षतिग्रस्त संरचनाएं साफ दिखाई दीं.

जैकोबाबाद एयरबेस का महत्व

जैकोबाबाद का शाहबाज एयरबेस पाकिस्तान वायुसेना (पीएएफ) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यह भारत के साथ सीमा के करीब स्थित है और पाकिस्तान के 39 टैक्टिकल विंग का घर है. इस एयरबेस पर पीएएफ के सबसे उन्नत विमान, जैसे जेएफ-17 ब्लॉक II जेट, विभिन्न एफ-16 फाइटिंग फाल्कन और इटली में बने लियोनार्डो AW139 हेलीकॉप्टर तैनात हैं, जो 88 सर्च एंड रेस्क्यू स्क्वाड्रन द्वारा संचालित किए जाते हैं. पहले यह एयरबेस नाटो के लिए ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम (अमेरिका के नेतृत्व में वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ युद्ध) के दौरान एक प्रमुख केंद्र था.

मरम्मत का काम शुरू

1 जून 2025 को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में जैकोबाबाद एयरबेस के क्षतिग्रस्त हैंगर को तिरपाल से ढका हुआ देखा गया. इससे संकेत मिलता है कि पाकिस्तान ने नुकसान की मरम्मत शुरू कर दी है. इसी तरह की तस्वीरें भोलारी एयरबेस से भी सामने आई थीं, जहां एक क्षतिग्रस्त हैंगर को तिरपाल से ढका गया था. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मरम्मत कार्य एयरबेस को फिर से चालू करने की कोशिश का हिस्सा है, हालांकि पूरी बहाली में समय लग सकता है.

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारतीय मिसाइलों को रोक लिया और नुकसान "न्यूनतम" था. हालांकि, मैक्सार टेक्नोलॉजीज और अन्य सैटेलाइट तस्वीरों ने इन दावों को गलत साबित किया. तस्वीरों में रनवे पर बड़े गड्ढे, क्षतिग्रस्त हैंगर और बिखरा मलबा साफ दिखाई दिया. भारत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये हमले सटीक और सुनियोजित थे, जिनका मकसद पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था.