आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत अमेरिका दौरे पर हैं. न्यूयॉर्क में होने वाले कार्यक्रम में करीब 5,000 लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. कार्यक्रम से पहले ही अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं. वहीं, न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी आयोजन पर असहमति जताई है.
मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे. यह आयोजन आरएसएस के 100 साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है और इसकी थीम वैश्विक सौहार्द और सार्वभौमिक एकता रखी गई है. करीब 5,000 लोगों की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम से पहले ही चर्चा तेज है कि भागवत अपने संबोधन में किन मुद्दों पर बात करेंगे. जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी समेत कई लोगों ने कार्यक्रम का समर्थन किया है.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भागवत के अमेरिकी दौरे पर कई सवाल उठाए हैं. आयोजक ‘अहेड फोरम’ का एक्स अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड होने पर उन्होंने तंज भी किया और आरएसएस से 21 सवाल पूछे. बाद में संगठन ने बताया कि बॉट अटैक के कारण अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक हुआ था. इसी बीच कर्नाटक में आरएसएस मार्च में शामिल होने पर दो सरकारी शिक्षकों को निलंबित किए जाने का मामला भी चर्चा में है. सरकार ने इसे नियमों से जुड़ा मामला बताया. वहीं विपक्ष ने कार्रवाई पर सवाल उठाए.
भागवत के कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है. मेयर जोहरान ममदानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले आयोजन का समर्थन नहीं करते. हालांकि, कार्यक्रम को रद्द करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निजी आयोजन है और इसे रद्द करने का अधिकार सिटी अथॉरिटी के पास शायद नहीं है. अब सबकी नजर 29 अगस्त के संबोधन पर है कि भागवत अमेरिका में आरएसएस की विचारधारा, वैश्विक संबंधों और संगठन के अगले 100 साल को लेकर क्या संदेश देते हैं.