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India Daily

नेपाल में बाढ़ के बीच आई राहत की खबर! 350 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया बाहर, त्रिशूली साइट से भारतीयों का भी रेस्क्यू

नेपाल में बाढ़ और खराब मौसम के बीच राहत अभियान से बड़ी उम्मीद जगी है. नेपाली सेना ने रसुवा स्थित अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर टनल में फंसे 350 मजदूरों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.

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Edited By: Reepu Kumari
नेपाल में बाढ़ के बीच आई राहत की खबर! 350 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया बाहर, त्रिशूली साइट से भारतीयों का भी रेस्क्यू
Courtesy: @milanbichhod

नई दिल्ली: नेपाल में हालिया बाढ़ की तबाही के बीच राहत और बचाव अभियान से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. रसुवा में नेपाली सेना ने अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. इस समूह में कई भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं. तेज बहाव और खराब मौसम के बीच सेना ने यह अभियान चलाया. हालांकि, राहत की इस खबर के साथ खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है.

प्रशासन की चिंता बढ़ी

नेपाली सेना के अनुसार, टनल के अंदर अभी भी 100 से अधिक लोग फंसे हुए हैं और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश जारी है. अभियान की कमान त्रिशूली स्थित नंबर-1 सेकेंड मूवमेंट टैक्टिकल हेडक्वार्टर के वारंट ऑफिसर भक्तजन बसनेट संभाल रहे हैं. वहीं, भोटेकोशी नदी में दोबारा पानी बढ़ने की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. रसुवा और नुवाकोट समेत कई इलाकों में लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

350 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मिली कामयाबी

रसुवा में नेपाली सेना ने अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर टनल में फंसे 350 मजदूरों और स्थानीय लोगों को बाहर निकाल लिया. इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं. बाढ़ के तेज बहाव और खराब मौसम के बीच बचाव अभियान चलाया गया. सेना ने रसुवा के अलग-अलग हिस्सों से कुल 883 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जानकारी दी है. इससे प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली है.

टनल में अभी भी 100 से ज्यादा लोग फंसे

रेस्क्यू अभियान की सफलता के बावजूद चुनौती खत्म नहीं हुई है. सेना के मुताबिक, टनल के अंदर अब भी 100 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं. बचाव दल उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटा है. अभियान की निगरानी त्रिशूली स्थित नंबर-1 सेकेंड मूवमेंट टैक्टिकल हेडक्वार्टर से की जा रही है. वारंट ऑफिसर भक्तजन बसनेट इस अभियान की कमान संभाल रहे हैं. खराब मौसम के कारण बचाव दल के सामने मुश्किलें बनी हुई हैं.

भोटेकोशी में फिर बढ़ सकता है पानी

नेपाल 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि भोटेकोशी नदी को लेकर नया अलर्ट सामने आ गया. तिब्बत की तरफ बने एक बांध के टूटने की खबरों के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई है. नेपाल पुलिस और नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.

कई जिलों में प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को खास सतर्क रहने को कहा गया है. रसुवा और नुवाकोट में हाई अलर्ट है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. बिदुर और त्रिशूली बाजार के आसपास तैनात डोजर और बचाव उपकरण भी सुरक्षित स्थानों पर हटा दिए गए हैं. कई संवेदनशील इलाकों में आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है.

कई जिलों में रेस्क्यू टीमें तैयार

नेपाल-चीन सीमा और नदी किनारे कई जगहों पर आवाजाही रोक दी गई है. रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, चितवन और नवलपरासी में बचाव टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं. प्रशासन की नजर नदी के जलस्तर और ऊपरी इलाकों की स्थिति पर बनी हुई है. लोगों से नदी घाटियों और संवेदनशील सड़कों की ओर जाने से बचने की अपील की गई है, ताकि अचानक बाढ़ की स्थिति में जानमाल के नुकसान को कम किया जा सके.

पिछली बाढ़ में भारी तबाही

26 अगस्त की बाढ़ में 470 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, बर्फ और मलबा ल्हेंडे खोला से भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में पहुंचा था. इसके चलते सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं. करीब 431 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता भी प्रभावित हुई है. अब प्रशासन ऊपरी इलाकों में बने बैरियर लेक और अस्थिर जलाशयों पर लगातार नजर रख रहा है.