menu-icon
India Daily

ईरान ने अमेरिका को दिया बातचीत का ऑफर, कहा- दबाव की नीति छोड़ें; ट्रंप बोले- अभी कोई बातचीत नहीं

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका से दबाव छोड़कर कूटनीति बहाल करने की अपील की है. ट्रंप ने तत्काल बातचीत से इनकार किया और ईरान पर सैन्य दबाव जारी रहने के संकेत दिए.

KanhaiyaaZee
ईरान ने अमेरिका को दिया बातचीत का ऑफर, कहा- दबाव की नीति छोड़ें; ट्रंप बोले- अभी कोई बातचीत नहीं
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच कूटनीति को लेकर दोनों देशों के रुख में बड़ा अंतर सामने आया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर वॉशिंगटन दबाव की नीति छोड़ दे तो बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है. दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व के साथ तत्काल बातचीत की संभावना खारिज कर दी. ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने के बावजूद अमेरिका का सैन्य विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

अब्बास अराघची ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि अमेरिका को ईरान के साथ कूटनीति आगे बढ़ाने के लिए भरोसा बहाल करने की जरूरत है. उन्होंने सम्मानजनक संवाद, ईरान के अधिकारों की मान्यता और किए गए वादों को निभाने पर जोर दिया. अराघची के मुताबिक, बातचीत का रास्ता बंद नहीं हुआ है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को यह समझना होगा कि दबाव की नीति काम नहीं करती.

कतर के साथ भी हुई अहम बातचीत

ईरानी विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी के साथ रचनात्मक बातचीत की है. उन्होंने इन चर्चाओं को उपयोगी बताया. यह संपर्क ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं. अराघची के बयान से संकेत मिलता है कि तेहरान बातचीत के विकल्प को पूरी तरह बंद करने के बजाय कूटनीतिक रास्ते तलाश रहा है.

ट्रंप ने तत्काल वार्ता से किया इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तत्काल बातचीत की संभावना से साफ इनकार किया. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान गंभीर सैन्य और आर्थिक दबाव में है तथा उसकी सैन्य क्षमता सीमित हो चुकी है. ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सैनिकों को भुगतान तक नहीं किया जा रहा है. उन्होंने भविष्य की किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी नहीं दी.

होर्मुज खुला, लेकिन सैन्य विकल्प बरकरार

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने को महत्वपूर्ण बताया, लेकिन इसे अमेरिकी सैन्य अभियान की समाप्ति का संकेत मानने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य खुला है, इसका मतलब यह नहीं कि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई पूरी कर दी है. होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित है और फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी तथा अरब सागर से जोड़ता है.

रूस को लेकर भी ट्रंप ने दिया संकेत

ट्रंप से रूस के ईरान के साथ संबंधों को लेकर भी सवाल किया गया. पूछा गया कि यदि मॉस्को ने तेहरान से अपने संबंध कम नहीं किए तो क्या अमेरिका उस पर कार्रवाई करेगा. ट्रंप ने कहा कि यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा और फिलहाल होर्मुज के मामले में रूस ने अच्छा व्यवहार किया है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस ने जलडमरूमध्य को लेकर वास्तव में कौन से कदम उठाए हैं या मॉस्को से कोई ठोस प्रतिबद्धता मिली है.