Nepal Flood Alert: नई दिल्ली: नेपाल में बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है. शुक्रवार को नेपाल के अधिकारियों ने तिब्बत सीमा की तरफ बनी एक झील का पानी रोकने वाला बांध टूटने के बाद ताजा बाढ़ चेतावनी जारी की. नेपाल पुलिस ने बताया कि तिब्बती क्षेत्र में दोबारा बांध टूटने की सूचना मिली है. इसके बाद राहत और बचाव कार्य में लगे सुरक्षाकर्मियों, बचाव दलों और आम लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है. पुलिस ने सभी लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है.
नेपाल में आई अचानक बाढ़ और तेज पानी ने भारी तबाही मचाई है. नेपाल पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक इस आपदा में 469 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं. अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि 1,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं.
नेपाल सरकार के अनुसार, 30 से ज्यादा देशों के नागरिक बुधवार की इस आपदा के बाद लापता हैं. इनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की भी है. विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 288 भारतीय नागरिक लापता हैं. इनमें 73 लोग एक पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे. भारत सरकार नेपाल के साथ संपर्क में है और लापता भारतीयों का पता लगाने तथा राहत एवं बचाव अभियान में मदद कर रही है.
नेपाल के अलावा चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी इस प्राकृतिक आपदा का असर देखने को मिला है. चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत में तीन लोगों की मौत हुई है. आपदा प्रभावित इलाके से करीब 499 स्थानीय लोगों और 555 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. इसके बावजूद इलाके में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है.
सबसे बड़ी चिंता अब तिब्बत में भूस्खलन के बाद बनी झील को लेकर है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे झील में पानी तेजी से बढ़ सकता है. अनुमान है कि अगले तीन दिनों में झील में करीब 30 लाख घन मीटर पानी पहुंच सकता है. इससे झील के दोबारा टूटने और पानी के तेज बहाव के साथ नीचे की ओर जाने का खतरा बढ़ गया है.
अगर झील का पानी बड़ी मात्रा में नीचे की ओर बहता है, तो इससे तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट और आसपास के निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ और नुकसान का खतरा पैदा हो सकता है. नेपाल और चीन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. वहीं, राहत एवं बचाव दलों को संभावित बाढ़ को देखते हुए सुरक्षित रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.