नेपाल में बुधवार को आई भीषण तबाही में लगभग 500 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग अभी भी लापता हैं. इन लोगों की तलाश की जा रही है. नेपाल में आए इस विपदा के समय में कई देशों ने मदद का हाथ बढ़ाई है, हालांकि बालेन शाह सरकार ने मदद लेने से मना कर दिया है.
नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर क्षेत्री ने मामले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं और फिलहाल हमें किसी भी दूसरे देश से मदद की जरूरत नहीं है.
लोक बहादुर क्षेत्री ने कहा कि ऐसे समय में मदद की पेशकश करना स्वाभाविक है, लेकिन हमारी सुरक्षा एजेंसियां खोज और बचाव अभियान मजबूती से चला रही है और हमें अभी किसी दूसरे देश की जरूरत नहीं है. बता दें कि नेपाल के इस दुख की घड़ी में भारत सरकार के साथ-साथ चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश और श्रीलंका ने भी मदद करने की पेशकश की थी. लेकिन बालेन सरकार की ओर से इस पेशकश को पूरी तरह से ठुकरा दिया गया. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब नेपाल ने मदद लेने से मना किया हो 2015 में जब आपदा आई थी तो नेपाल सरकार ने विदेशी रेस्क्यू टीम की मदद की पेशकश स्वीकार नहीं की थी. हालांकि अभी नेपाल में स्थिति गंभीर है, हजारों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.
नेपाल पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस त्रासदी में अब तक 469 लोगों की जान चली गई. वहीं 1545 लोगों की जान बचाने की भी जानकारी दी गई है. हालांकि सामने आ रही तस्वीरों में लोगों का दर्द साफ नजर आ रहा है. मां अपने बच्चे को ढूंढ रही है, वहीं पति अपनी पत्नी के इंतजार में है. अभी लापता लोगों की तलाश जारी है, उम्मीद की जा रही है कि शायद कुछ लोगों के चेहरे पर खुशी वापस लौट जाए.