PM Modi In SCO Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया. प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने सभी एससीओ देशों से आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की सख्त नीति अपनाने का आग्रह किया.
पीएम मोदी ने कहा, "आतंकवाद और उग्रवाद पूरी दुनिया के लिए एक आम समस्या है. जब तक ये खतरे मौजूद हैं, कोई भी देश या समाज सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता." पीएम मोदी ने साफ तौर पर किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन स्पष्ट रूप से उन देशों पर निशाना साधा जो आतंकवादी ग्रुप्स का सपोर्ट करते हैं और उन्हें पनाह देते हैं.
#WATCH | At the Shanghai Cooperation Council (SCO) Members Session in Tianjin, China, Prime Minister Narendra Modi says, "Today, India is moving ahead following the mantra of Reform, Perform and Transform... We have tried to turn every challenge into an opportunity... I invite… pic.twitter.com/iRxvoG7IYz
— ANI (@ANI) September 1, 2025Also Read
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को ऐसे दोहरे मानदंडों को स्वीकार नहीं करना चाहिए और उन देशों को सिरे से खारिज कर देना चाहिए, जो खुले तौर पर आतंकवाद को सपोर्ट करते हैं. उन्होंने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का भी जिक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने पहलगाम में आतंकवाद का एक बहुत ही बुरा चेहरा देखा. क्या हम कुछ देशों द्वारा आतंकवाद के खुले समर्थन को स्वीकार कर सकते हैं? राज्य समर्थित आतंकवाद पर दुनिया चुप क्यों है?" इसके बाद पीएम मोदी ने फिर दोहराया कि आतंकवार पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है.
शी जिनपिंग ने यह भी वादा किया कि चीन लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और असमानता को कम करने के लिए एससीओ देशों में 100 छोटी विकास परियोजनाएं शुरू करेगा. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास पर प्रकाश डाला.