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इंसानियत से बढ़कर कुछ भी नहीं, पाकिस्तानी युवक ने बाढ़ में फंसे दो भारतीयों की बचाई जान

शहजाद ने बाद में बताया कि उस समय उन्होंने न धर्म देखा और न ही राष्ट्रीयता. उनके लिए सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना था.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
इंसानियत से बढ़कर कुछ भी नहीं, पाकिस्तानी युवक ने बाढ़ में फंसे दो भारतीयों की बचाई जान
Courtesy: @mr.muscat91

ओमान में हाल ही में आई तेज बारिश और बाढ़ के बीच एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है. बार्का के पास एक पाकिस्तानी युवक ने बहते पानी में फंसी कार से दो भारतीय नागरिकों को बचाकर मानवता की मिसाल पेश की. भारी बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए थे और हालात बेहद खतरनाक बने हुए थे. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

उफनते पानी में कूद गए शहजाद

25 वर्षीय शहजाद खान ने बिना किसी डर के उफनते पानी में कूदकर यह रेस्क्यू किया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब कार पानी में फंसी थी, तब सैकड़ों लोग वहां मौजूद थे, लेकिन तेज बहाव के कारण कोई आगे नहीं बढ़ पाया. ऐसे में शहजाद ने हिम्मत दिखाते हुए कार तक पहुंचकर अंदर फंसे लोगों को बचाने का फैसला किया.

पत्थरों से तोड़ा कार का शीशा

वीडियो में देखा गया कि शहजाद पहले कार के ऊपर चढ़े और खिड़की तोड़ने की कोशिश की. जब यह प्रयास नाकाम रहा, तो उन्होंने पत्थरों की मदद से शीशा तोड़ा. कार में पानी भर चुका था और अंदर बैठे लोग मदद के लिए पुकार रहे थे. आखिरकार उन्होंने दोनों लोगों को बाहर निकाल लिया, जिन्हें बाद में आसपास खड़े लोगों की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.

मानवता सबसे ऊपर

शहजाद ने बाद में बताया कि उस समय उन्होंने न धर्म देखा और न ही राष्ट्रीयता. उनके लिए सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना था. उन्होंने कहा कि यह सब एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी और उन्होंने बिना सोचे-समझे कदम उठाया. इस घटना ने यह साबित कर दिया कि मुश्किल समय में इंसानियत ही सबसे बड़ी पहचान होती है.

सोशल मीडिया पर सराहना

इस बहादुरी भरे कदम की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है. स्थानीय समुदाय और संगठनों ने भी शहजाद के साहस को सम्मान देने की बात कही है. अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा. यह घटना संकट के समय इंसानियत की ताकत को उजागर करती है.