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कौन है मुहम्मद ज़ैन उल अबिदीन रशीद? यूट्यूबर बनकर 20 देशों में 286 लड़कियों-महिलाओं को बनाया हवस का शिकार

ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तानी मूल के एक यूट्यूबर को 17 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. आरोप है कि यूट्यूबर ने 20 देशों में 286 लड़कियों, महिलाओं को हवस का शिकार बनाया. 29 साल के मुहम्मद ज़ैन उल अबिदीन रशीद ने कोर्ट में 119 आरोपों में शामिल होने की बात स्वीकार की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िताओं में दो-तिहाई की उम्र 16 साल से कम थी. आरोपी रशीद पहले से ही नाबालिग के साथ रेप मामले में 5 साल की सजा काट रहा है.

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कौन है मुहम्मद ज़ैन उल अबिदीन रशीद? यूट्यूबर बनकर 20 देशों में 286 लड़कियों-महिलाओं को बनाया हवस का शिकार
Courtesy: ABC News

ऑस्ट्रेलिया की पर्थ कोर्ट ने एक ऐसे दरिंदे को जेल भेजा है, जो यूट्यूब इन्फ्लुएंसर बनकर दुनिया भर की लड़कियों को कैमरे पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल करता था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िताओं में ज़्यादातर की उम्र 16 साल से कम थी. पाकिस्तान में जन्मे 29 साल के मुहम्मद ज़ैन उल अबिदीन रशीद को पर्थ कोर्ट ने 17 साल की जेल की सज़ा सुनाई है. दोषी ने कुल 119 वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने 20 देशों के 286 लड़कियों और महिलाओं को अपना शिकार बनाया. पीड़िताओं में ऑस्ट्रेलिया के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जापान की लड़कियां और महिलाएं शामिल थीं.

रशीद ने एक 15 साल का 'यूट्यूब स्टार' होने का नाटक किया, जिसके बहुत सारे फैंस थे. एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस अमांडा बरोज़ ने अपराधों के बारे में कहा कि आज तक उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ऐसा मामला नहीं देखा. ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने इसे इतिहास के सबसे बुरे सेक्सटॉर्शन मामलों में से एक कहा है.

BBC ने ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर डेविड मैकलीन के हवाले से कहा कि ये ऑस्ट्रेलिया में सबसे भयावह यौन शोषण मामलों में से एक है. पुलिस के मुताबिक, दोषी रशीद पहले से ही 14 साल की नाबालिग के रेप के मामले में पांच साल की सजा काट रहा है. दोषी 2033 से पहले पैरोल के लिए आवेदन करने के योग्य नहीं होगा.

तस्वीर भेजकर बातचीत करता था शुरू और फिर...

रिपोर्ट्स के अनुसार, रशीद अपने टारगेट से बातचीत शुरू करने के लिए खुद को इंटरनेट स्टार बताता था. फिर उन्हें अपनी फोटोज भेजता था और शुरुआत में उनसे नॉर्मल सवाल पूछता था. एक बार जब वो अपने टारगेट का भरोसा जीत लेता था, तो फिर उन्हें अपने जाल में फंसाने लगता था. रशीद बच्चियों और लड़कियों को शिकार बनाने के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल किया था.

लड़कियों और महिलाओं से दोस्ती के बाद रशीद उन्हें अश्लील कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करता था. इसके बाद वह उन्हें ब्लैकमेल करके उनसे यौन संबंधी वीडियो बनवाता था और धमकी देता था कि वो उनके परिवार और दोस्तों को पहले की भेजी गई अश्लील कंटेंट को भेज देगा.

कनाडा में रहने वाली एक पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वो 13 साल की थी, जब उसे ऑनलाइन किसी ऐसे व्यक्ति ने संपर्क किया जिसे वो 15 साल का सोशल मीडिया सेलिब्रिटी समझती थी. उसने बातचीत के एडिटेड स्क्रीनशॉट भेजने से पहले उससे कई अश्लील सवाल पूछे. इसके बाद 'सोशल मीडिया सेलिब्रिटी' ने धमकी दी कि अगर उसने अश्लील वीडियो नहीं भेजे तो एडिटेड स्क्रीनशॉट उसके करीबियों और दोस्तों को भेज देगा. 

रशीद के घर से जब्त किए मोबाइल फोन, कंप्यूटर हार्ड ड्राइव और यूएसबी

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया संयुक्त बाल शोषण विरोधी टीम (WA JACET) ने सितंबर 2019 में एक जांच शुरू की और रशीद के पार्कवुड घर से एक मोबाइल फोन, कंप्यूटर हार्ड ड्राइव और यूएसबी सहित इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए. पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट्स से पीड़ितों की पहचान की. अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन (एचएसआई) और इंटरपोल के साथ काम कर रही एएफपी ने पहली बार सितंबर 2020 में 25 साल के रशीद पर आरोप लगाए. 

पुलिस के मुताबिक, रशीद ने ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, गुआम, आयरलैंड, इजरायल, इटली, जापान, नामीबिया, न्यूजीलैंड, उत्तरी मैसेडोनिया, नॉर्वे, पनामा, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और नीदरलैंड की लड़कियों और महिलाओं का शोषण किया और उनसे दुर्व्यवहार किया.

मुहम्मद ज़ैन उल अबीदीन रशीद कैसे पकड़ा गया?

कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार, जब रशीद पाकिस्तान से ऑस्ट्रेलिया आया था, तब वो बहुत छोटा था. रिपोर्ट में उसके माता-पिता को पारंपरिक, रूढ़िवादी और सख्त बताया गया है. रशीद का एडमिशन यहां के ऐसे स्कूल में हुआ, जहांउसके भाइयों के अलावा कोई अन्य मुस्लिम छात्र नहीं था. एबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट में पेश रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके कारण वो सामाजिक रूप से अलग-थलग महसूस करता था.

उसने 2019 से ये सबकुछ शुरू किया था. रशीद पर पहली बार 2021 में आरोप लगाया गया था, जब इंटरपोल और यूनाइटेड स्टेट्स पुलिस ने ऑस्ट्रेलियाई पुलिस से संपर्क करके एक ऐसे व्यक्ति के बारे में चिंता जताई थी, जिसके बारे में माना जाता है कि वो ऑस्ट्रेलिया का रहने वाला है और सोशल मीडिया पर लड़कियों और महिलाओं को निशाना बना रहा है. पर्थ में उसके घर पर पुलिस की छापेमारी के बाद उसे हिरासत में लिया गया.