नई दिल्ली: पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर विवादों में घिर गया है. वजह यह है कि देश के कुछ बड़े और रसूखदार नेता मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के बेटे हाफिज तलहा सईद के साथ एक ही मंच पर देखे गए हैं. इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के उन दावों की पोल खोल दी है जिनमें वह हमेशा अपनी धरती से आतंकी संगठनों के चलने की बात से इनकार करता आया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पार्टी 'पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज' के कई बड़े नेता एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इसी कार्यक्रम में हाफिज तलहा सईद भी मौजूद था. सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं जिनमें पाकिस्तानी नेता तलहा सईद के साथ दोस्ताना अंदाज में बातचीत करते और बैठे नजर आ रहे हैं. इस बात ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है क्योंकि पाकिस्तान लगातार दिखावा करता रहा है कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है.
खबरों की मानें तो मंच पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आधिकारिक राजनीतिक सलाहकार और पार्टी के कई अन्य सीनियर नेता मौजूद थे. इसके अलावा मियां अहसान तरीन और राणा मोहम्मद अशफाक जैसे सत्तारूढ़ पार्टी के अधिकारी और कुछ धार्मिक चेहरे भी वहां आगे की लाइ बैठे नजर आए.
हाफिज तलहा सईद लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और जमात-उद-दावा के चीफ हाफिज सईद का बेटा है. गौरतलब है कि हाफिज सईद वही शख्स है जिसने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की साजिश रची थी. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक तलहा सईद युवाओं को भड़काने, आतंकी संगठनों में भर्ती करने और भारत खासकर जम्मू-कश्मीर के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने का काम करता है. भारत सरकार ने उसे यूएपीए कानून के तहत वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है.
इस घटना ने भारत के उस स्टैंड को और मजबूत कर दिया है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद आतंकियों को पनाह देना बंद नहीं कर रहा है. यह विवाद इसलिए भी बड़ा है क्योंकि पाकिस्तान अक्सर FATF जैसी वैश्विक संस्थाओं के सामने कसम खाता है कि उसका प्रतिबंधित संगठनों से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन ऐसी तस्वीरें उसकी कथनी और करनी का अंतर साफ बयां कर देती हैं.