नई दिल्ली: US नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने एक चौंकाने वाला वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में एक कार्गो विमान को टूटता नजर आ रहा है. बता दें कि केंटकी के लुइसविले के पास एक UPS कार्गो विमान टूटकर गिर गया. यह दुर्घटना 4 नवंबर, 2025 को हुई थी. यह विमान एक मैकडॉनेल डगलस MD-11F फ्रेटर, जो UPS फ्लाइट 2976 के रूप में उड़ान भर रहा था.
यह लुइसविले मुहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा था. इसे होनोलूलू जाना था. विमान जब रनवे से ऊपर उठा तो उसके कुछ ही सेकेंड बाद उसका लेफ्ट साइड वाला इंजन और पाइलॉन अचानक टूटकर अलग हो गया. बता दें कि यह विमान ज्यादा ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया था. यह केवल 30 फीट की ऊंचाई तक ही उड़ पाया था.
WATCH: Newly released airport surveillance footage of UPS Flight 2976 shows the exact moment the MD-11F's left engine and pylon separated from the wing just seconds after liftoff from Louisville back on Nov. 4, 2025. pic.twitter.com/Ol05yqH45K
— Turbine Traveller (@Turbinetraveler) May 19, 2026Also Read
- ईरान ने फिर रखीं पुरानी शर्तें, ट्रंप ने बताया था ‘बकवास’; अमेरिका-ईरान शांति वार्ता फिर उलझी!
- बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
- Iran-US War: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़ा दावा, बताया कब खत्म होगा ईरान-अमेरिका तनाव; इजरायल को लेकर कह दी बड़ी बात
जैसे ही इंजन टूटकर अलग हुआ तो आग का एक बड़ा गोला उठा. ऐसा होते ही मलबा एयरपोर्ट के इलाके में चारों तरफ फैल गया. इससे भीषण आग लग गई. यह हादसा इतना बड़ा था कि यह UPS एयरलाइंस के इतिहास की सबसे घातक दुर्घटना थी. इसमें तीन क्रू मेंबर्स की मौत हो गई. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में जमीन पर मौजूद करीब 12 लोगों की मौत हो गई. वहीं, 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
जांचकर्ताओं का मानना है कि इस हादसे का मुख्या कारण मेट फटीग था. जांच के दौरान इंजन के सपोर्ट के मुख्य हिस्से में दरारें मिलीं. इसे आफ्ट माउंट लग कहा जाता है. बता दें कि यह हिस्सा इंजन को पंख से जोड़ता है. वर्षों तक इस पर पड़ने वाले दवाब और बार-बार उड़ान से यह कमजोर हो जाता है. यही कारण था कि वो उड़ान भरते समय टूट गया.
खबरों के अनुसार, यह विमान 34 साल पुराना था. अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या नियमित जांच के दौरान चेतावनी के संकेतों को नजरअंदाज कर दिया गया था. सालों पहले, बोइंग ने अन्य विमानों में भी इसी तरह की समस्याएं देखी थीं. बता दें कि इस दुर्घटना के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इमरजेंसी जांच के लिए सभी MD-11 और इसी तरह के DC-10 विमानों की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दीं.