चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लेकर पहुंचे बुजुर्ग को संसद जाने की सलाह दी. उन्होंने याचिकाकर्ता से कहा कि कोर्ट आपके लिए ही है, जब चाहें, यहां आएं, लेकिन इस मामले में तो आपको संसद जाना पड़ेगा। सीजेआई ने याचिकाकर्ता को कहा कि आपके मामले में कानून में बदलाव की जरूरत है, उसके लिए संसद जाना पड़ेगा. सीजेआई ने पूरी विनम्रता के साथ कहा- यह धर्म से जुड़ा मामला है, हम इसमें कोई फैसला लें तो धर्म के मामले में दखल माना जा सकता है, इसलिए आप संसद में याचिका समिति के पास जाइए.
बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम अदालत में गुरुद्वारा समिति के फंड के दुरुपयोग को लेकर एक बुजुर्ग ने याचिका दायर की थी. सीजेआई सूर्यकांत इस याचिका की मैरिट पर सुनवाई कर रहे थे. बुजुर्ग याचिकाकर्ता ने कहा- “मैं आपके आगे माथा टेकता हूं, मेरी याचिका स्वीकार कर लीजिए और इस पर नोटिस के आदेश दे दीजिए.” याचिका को ध्यान से देखने के बाद सीजेआई ने कहा- कोर्ट आपके लिए है, जब चाहें आइए, लेकिन आपकी याचिका पर सुनवाई के लिए कानून में संसोधन की जरूरत पड़ेगी, और वह संसद से ही संभव है, इसलिए आप संसद जाइए.
सीजेआई सूर्यकांत ने पूरी विनम्रता से कहा कि आपकी याचिका धर्म से संबंधित है. इस पर हम सुनवाई करेंगे तो धार्मिक मामला होने के चलते आपत्ति उठ सकती है, हम धर्म के मामले में दखल करना भी नहीं चाहते. “कम्यूनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग” की ओर से दाखिल की गई टेट्रा पैक और पाउच में शराब की पैकेजिंग से जुड़ी याचिका को सर्वोच्च अदालत ने स्वीकार कर लिया. याचिका में इस तरह की पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मां गई है. सीर्जआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने इस मामले में सरकार से सवाल किया है.