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India Daily

'पाकिस्तान खुद जिहादी आतंकवाद की दुनिया में बड़ी समस्या', इजरायल ने पाक की मध्यस्थता पर उठाया सवाल; भारत को बताया बेहतर विकल्प

मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग को रुकवाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है. हालांकि इजरायल ने उसपर सवाल उठाते हुए भारत को एक बेहतर विकल्प माना है. इजरायली विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि मुझे नहीं लगता है कि पाकिस्तान इसमें सफल हो पाएगा.

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Edited By: Shanu Sharma
'पाकिस्तान खुद जिहादी आतंकवाद की दुनिया में बड़ी समस्या', इजरायल ने पाक की मध्यस्थता पर उठाया सवाल; भारत को बताया बेहतर विकल्प
Courtesy: X (@MeghUpdates)

मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग के कारण पूरी दुनिया प्रभावित है. महंगाई तेजी से बढ़ रही है और तेल-गैस की किल्लत से कई देश परेशान है. हालांकि इस युद्ध को रुकवाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है. लेकिन इजरायल ने उसपर भी सवाल खड़ा कर दिया है और भारत को बेहतर विकल्प बताया है. 

इजरायल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि मुझे नहीं लगता है कि पाकिस्तान को इसमें सफलता मिलेगी. उन्होंने पाकिस्तान के पुराने रिकॉर्ड के बारे में जिक्र करते हुए, अभी उठाए गए इस कदम पर आश्चर्य जताया है. हालांकि पाकिस्तान इसमें पूरी ताकत लगा रहा है. 

इजरायल ने क्या कहा?

इजरायली विदेश मंत्रालय की विशेष दूत फ्लूर हसन-नहूम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मौके पर पाकिस्तान खुद को प्रासंगिक बनाने की कोशिश कर रह रहा है. लेकिन मुझे उसकी सफलता को लेकर संदेह है. उन्होंने पाकिस्तान खुद जिहादी आतंकवाद की दुनिया की बड़ी समस्या बताया. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि पाकिस्तानियों को क्या लग रहा है कि वे क्या कर रहे हैं. मुझे लगता है कि वे खुद को रेलिवेंट बनाने की कोशिश कर रहे हैं. वे खुद जिहादी आतंकवाद की दुनिया में बहुत बड़ी समस्या हैं. लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि उन्हें इसमें सफलता मिलेगी. इजरायली दूत ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि नई दिल्ली इजरायल का करीबी सहयोगी है और सभी पक्षों के साथ बेहतरीन संबंध रखता है.

पाकिस्तान लगातार कर रहा कोशिश

हसन ने कहा कि भारत-इजरायल के बीच अच्छी  दोस्ती है. युद्ध शुरू होने से कुछ दिन पहले आपके प्रधानमंत्री यहां आए थे. हम समझते हैं कि भारत सभी के साथ अच्छे संबंध रखता है. अगर आप मुझसे पूछें, तो भारत, पाकिस्तान की तुलना में कहीं बेहतर मध्यस्थ साबित हो सकता हैं. इजरायल की ओर से यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान अपनी पूरी ताकत लगा रहा है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार इस मध्यस्थता के बीच ही घायल हो गए, फिर भी उन्होंने इसे पूरा किया. विदेश मंत्री इशाक डार ने सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के साथ इस्लामाबाद में बैठक की थी. इसी दौरान कार्पेट से फिसलकर उनका कंधा टूट गया था. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि तेहरान को मध्यस्थों के माध्यम से केवल संदेश मिले हैं. उन्होंने कहा कि कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है, पाकिस्तान में हुई बैठकों में ईरान शामिल नहीं है. ये उनकी अपनी पहल है.