उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का टनकपुर दौरा इस बार केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा. स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक खानपान से जुड़ी उनकी गतिविधियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. महिला स्वयं सहायता समूहों के बीच बिताए गए उनके कुछ खास पल चर्चा का केंद्र बन गए.
टनकपुर-पूर्णागिरी मार्ग के बूम क्षेत्र में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पारंपरिक पहाड़ी शैली में सिलबट्टे पर चटनी पीसी और चूल्हे पर मंडुवे की रोटी भी बनाई. महिलाओं के साथ उनके सहज संवाद और स्थानीय व्यंजनों में रुचि ने कार्यक्रम को खास बना दिया. उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री के इस सरल और सांस्कृतिक रूप को उत्साह के साथ देखा. स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना भी उन्होंने खुले मंच से की.
कार्यक्रम में शामिल महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों और कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी. धामी ने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर उत्पादों की गुणवत्ता और उनके विपणन की संभावनाओं पर चर्चा की. महिलाओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ पारंपरिक गतिविधियों में हिस्सा लिया और उनके साथ बिताए गए पलों को यादगार बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने महिला समूहों की भूमिका को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती से जोड़ते हुए उनके कार्यों की सराहना की.
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 60 करोड़ रुपये की लागत वाली शारदा तटबंध परियोजना और पांच करोड़ रुपये से अधिक की हुड्डी नदी बाढ़ सुरक्षा योजना का शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से नदी कटाव और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी. इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद करते हुए उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का आह्वान किया. साथ ही सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 3,300 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली शारदा कॉरिडोर परियोजना पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है.