नाइजीरिया में सुरक्षा बलों द्वारा किए गए हमले में 100 से ज्यादा मासूमों की जान चली गई. नाइजीरिया एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों द्वारा यह हमला आतंकियों पर किया जा रहा था, इसी दौरान एक व्यस्त बाजार में गलती से हो गया. जिसमें एक साथ 100 से ज्यादा निर्दोषों की जान चली गई.
नाइजीरियाई वायु सेना ने बोर्नो राज्य की सीमा के पास स्थित योबे राज्य के एक गांव में स्थित बाजार पर हवाई हमला कर दिया. इस दौरान बाजार में भारी संख्या में लोग मौजूद थे. जिसमें उनकी मौत हो गई. हालांकि बाद में नाइजीरिया सरकार के अधिकारियों ने बाद में स्वीकार किया कि यह हमला एक गलती थी. हालांकि अधिक जानकारी नहीं दी गई.
नाइजीरिया सरकार ने अभी साफ नहीं किया कि गलती कैसे हुई या लक्ष्य की पहचान में कहां चूक हुई, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट जारी नहीं की गई है. यह घटना उस क्षेत्र में हुई है जहां पिछले एक दशक से ज्यादा समय से जिहादी विद्रोह जारी है. सुरक्षा बलों और हथियारबंद गुटों के बीच लगातार झड़पें होती रहती हैं. इस हमले से स्थानीय लोगों में सुरक्षा बलों के प्रति आक्रोश बढ़ गया है. कई नागरिक संगठनों ने इस घटना को दुखद और अस्वीकार्य बताया है.
पूर्वोत्तर नाइजीरिया में सक्रिय बोको हराम नामक जिहादी चरमपंथी संगठन इस पूरे संकट का मुख्य कारण है. 2000 के दशक की शुरुआत में मोहम्मद यूसुफ द्वारा स्थापित यह गुट शुरू में पश्चिमी शिक्षा प्रणाली का विरोध करता था. इसका लक्ष्य सख्त शरिया कानून के आधार पर एक इस्लामी राज्य की स्थापना करना था. 2009 में मोहम्मद यूसुफ की मौत के बाद संगठन की कमान अबूबकर शेकाऊ के हाथ में आई. इसके बाद बोको हराम और भी हिंसक हो गया.
इस गुट ने सामूहिक हत्याओं, आत्मघाती हमलों, बम विस्फोटों और अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है. इसका सबसे कुख्यात अपराध 2014 में चिबोक स्कूल से 200 से अधिक लड़कियों का अपहरण था, जिसने दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की थी. इस विद्रोह के कारण लाखों लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. नाइजीरिया के पूर्वोत्तर क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष ने लाखों लोगों को विस्थापित कर दिया है.