नई दिल्ली: नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनके पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया. यह गिरफ्तारी रैपर से राजनेता बने बालेन्द्र शाह के नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद हुई. बता दें कि पिछले साल सितंबर में जेन जेड द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों को भी इन गिरफ्तारियों से जोड़ा जा रहा है.
दो दिन के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ काफी लोगों की काफी झड़प हुई थी, जिसमें 70 से ज्यादा लोग मारे गए थे. इनमें से ज्यादातर युवा प्रदर्शनकारी थे. ये विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुए थे. फिर जल्द ही भ्रष्टाचार तथा खराब शासन-प्रशासन के खिलाफ एक बड़े आंदोलन में बदल गए. इस अशांति के चलते अंततः ओली की सरकार गिर गई.
#WATCH | Former Nepal Prime Minister KP Sharma Oli taken into custody from his residence in Gundu, Bhaktapur, by Nepal Police.
According to the Kathmandu Post, "he has been arrested in connection with a culpable homicide-related case linked to the alleged suppression of the… pic.twitter.com/S0zrAmPUFV— ANI (@ANI) March 28, 2026Also Read
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बता दें कि चुनावों के बाद एक हाई-लेवल जांच आयोग का गठन किया गया था. आयोग के अनुसार, ओली और लेखक लापरवाही के लिए जिम्मेदार थे. इतने ऊंचे पद पर होने के बावजूद भी वो स्थिति को कंट्रोल नहीं कर पाए. पुलिस ने बहुत ज्यादा बल का इस्तेमाल किया, जिसमें गोलीबारी भी हुई. रिपोर्ट में उनके और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, जिसमें 10 साल तक की जेल की सजा भी संभव है.
पुलिस प्रवक्ता ओम अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा है कि दोनों को हिरास्त में ले लिया गया है. साथ ही कहा, "यह प्रक्रिया कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी." नए गृह मंत्री, सुदान गुरुंग ने पोस्ट किया, "वादा, वादा होता है. कानून से ऊपर कोई नहीं है."
अपनी गिरफ्तार को लेकर केपी ओली ने कहा है कि ये सभी आरोप गलत हैं. ये गिरफ्तारी बदले की भावना से की गई है. साथ ही आगे कहा कि वो कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.