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India Daily

नेपाल में तबाही के 13 दिन बाद भी 5 हजार से ज्यादा लापता, इन 900 लोगों की तलाश पर सबसे ज्यादा फोकस?

नेपाल में आई तबाही ने भारी नुकसान पहुंचाया है. इस हादसे में हजारों लोगों की मौत हो गई और अभी भी लगभग 5 हजार लोग लापता बताए जा रहे हैं. जिनकी तलाश की जा रही है, हालांकि इनमें से 900 लोगों के लिए काफी जोर-शोर से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

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Edited By: Shanu Sharma
नेपाल में तबाही के 13 दिन बाद भी 5 हजार से ज्यादा लापता, इन 900 लोगों की तलाश पर सबसे ज्यादा फोकस?
Courtesy: ANI

नेपाल में भयानक बाढ़ और भूस्खलन के करीब दो हफ्ते बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है. इस हादसे के बाद से 5000 हजार लोग लापता बताए जा रहे हैं. जिनके बारे में पता लगाने के लिए लगातार सर्च अभियान चलाए जा रहे हैं. 

सीमा से सटे हाइड्रो पावर परियोजनाओं की सुरंगों में खास अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि लापता लोगों में कुछ हाइड्रो पावर परियोजना के कर्मचारी सुरंगों के भीतर फंसे हो सकते हैं. हालांकि इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि सभी लोग यही होंगे, लेकिन कुछ लोगों के जिंदा बचने की उम्मीद की जा रही है.

सुरंग में कई लोगों के फंसे होने की संभावना

नेपाल में आई बाढ़ के लगभग 10 दिन बाद दो हाइड्रो पावर कर्मचारियों को दूसरी सुरंग से बचाया गया था. इसी दिन एक नेपाली महिला को मलबे में दबे घर से जिंदा निकाला गया. इन घटनाओं से बचाव दलों के साथ-साथ लापता लोगों के परिवारों में भी उम्मीद जगी है. हालांकि अभी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं और कई प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना बेहद मुश्किल बना हुआ है.

नेपाल और तिब्बत क्षेत्र की सीमा पर 26 अगस्त को ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के बाद भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नदी में जा गिरी थीं. इसके बाद आई बाढ़ ने कई गांवों और कस्बों को अपनी चपेट में ले लिया. सड़कों और राजमार्गों पर भी मलबा जमा होने से राहत अभियान प्रभावित हुआ. इस घटना में कम से कम 1,380 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 5,500 से ज्यादा लोग लापता बताए गए हैं. नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अधिक क्षमता वाले ड्रोन, अस्थायी पुल, डीएनए जांच किट और सुरंग बचाव के लिए विशेष उपकरण समेत जरूरी मदद मांगी है.

चीन से जानकारी साझा करने की मांग

तिब्बत में भी लापता लोगों की तलाश जारी है. चीन ने रविवार को बताया कि खोज अभियान के दौरान 12 और शव मिले हैं. लापता लोगों में भारतीय और भारतीय मूल के कई लोग भी शामिल हैं, जो मानसरोवर झील और माउंट कैलाश की यात्रा पर तिब्बत गए थे. विदेशी पर्यटकों के लापता होने के बाद उनके परिवार चीन से लगातार जानकारी साझा करने की मांग कर रहे हैं. चीन ने बचाव अभियान जारी रखने और ताजा जानकारी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है.