अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ है, जिसके कारण तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक नया दावा किया है.
ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका की जीत के बाद तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी. उन्होंने कहा कि शुरुआत में गैसोलीन की कीमत करीब 3 डॉलर प्रति गैलन तक आ सकती है और बाद में यह 2 डॉलर प्रति गैलन से भी कम हो सकती है.
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा. उन्होंने संकेत दिया कि संघर्ष को जल्द समाप्त करने और ईरान की परमाणु क्षमता को रोकने को लेकर अमेरिका अपनी नीति पर कायम रहेगा. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है.
होर्मुज के आसपास हमलों के बीच सोमवार को तेल की कीमतें करीब छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं. यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से होकर गुजरती है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का बड़ा सैन्य तनाव वैश्विक बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा सकता है. ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव करीब 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. पिछले पांच दिनों में इसमें करीब 9 प्रतिशत और एक महीने में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को ईरान की ऊर्जा सुविधाओं के खिलाफ कार्रवाई करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ईरान की तेल और गैस उत्पादन व्यवस्था व्यापक है और उससे जुड़े कई ठिकाने जोखिम के दायरे में आते हैं. उन्होंने अमेरिकी तेल और गैस कंपनियों को भी संभावित खतरे की चेतावनी दी और कहा कि ईरानी ठिकानों पर हमला होने की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की जाएगी.
गालिबाफ की चेतावनी अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की टिप्पणी के बाद आई. हेगसेथ ने कहा था कि ईरान का तेल टैंकर बेड़ा अमेरिकी हमलों के लिए असुरक्षित है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायु सेना को अमेरिकी सैन्य ताकत से गंभीर नुकसान पहुंचा है.