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India Daily

Video: तिब्बत में बांध बनाने जा रहे चीन को कुदरत ने दी चेतावनी, जमीन कांपी, घर बिल्डिंग सब हुए तहस-नहस; 95 की मौत

Tibet Earthquake Video: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार तिब्बत में आए इस भयानक भूकंप में 95 लोग मारे गए हैं. सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं.

Gyanendra Tiwari
Video: तिब्बत में बांध बनाने जा रहे चीन को कुदरत ने दी चेतावनी, जमीन कांपी, घर बिल्डिंग सब हुए तहस-नहस; 95 की मौत
Courtesy: Social Media

Tibet Earthquake Video: जिस तिब्बत पर चीन दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाने जा रहा है उसे लेकर कुदरत ने उसे चेतावनी दी है. दरअसल, मंगलवार को हिमालय की उत्तरी तलहटी में तिब्बत के शिगाजे शहर के पास 6.8 तीव्रता का भूकंप आया. इस भूकंप में कम से कम 95 लोग मारे गए और 130 लोग घायल हुए.इसके कारण पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान और भारत में भी इमारतें हिलने लगीं. तिब्बत में घर, होटल, बिल्डिंग सब चकनाचूर हो गए. भूकंप के कई डरावने वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिन्हें देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. 

तिब्बत में यारलुंग सांगपो (ब्रह्मपुत्र) नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा डैम बनाने जा रहे चीन को कुदरत ने एक संकेत मात्र दिया है. इससे चीन को सबक लेनी चाहिए. क्योंकि डैम बनाने के बाद प्रकृति में बदलाव आना स्वाभाविक होगा जो भविष्य में किसी बड़े और भयानक आपदा का कारण बन सकते हैं.

Video में देखें भूकंप ने तिब्बत में कैसे मचाई तबाही

क्षेत्रीय आपदा राहत मुख्यालय के अनुसार, भूकंप मंगलवार को सुबह 9:05 बजे (बीजिंग समय) तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के डिंगरी काउंटी में आया. भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर (6.2 मील) थी.  

तिब्बत में आए भयंकर भूकंप के बड़े अपडेट

नेपाल में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में झटके महसूस हुए. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह भूकंप सुबह 6:35 बजे, लोबुचे के 93 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आया.

भूकंप का केंद्र उस स्थान पर था, जहां भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों की टक्कर होती है, जिससे हिमालय पर्वतों में ऐसे उत्थान होते हैं जो कुछ सबसे ऊंची चोटियों की ऊंचाई में बदलाव ला सकते हैं.

आज का भूकंप 6.8 तीव्रता का था और यह नेपाल सीमा के पास तिब्बत के डिंगरी काउंटी में सुबह 9:05 बजे (0105 GMT) हुआ. चीन के भूकंप नेटवर्क सेंटर (CENC) के अनुसार, भूकंप के केंद्र से 5 किलोमीटर (3 मील) के दायरे में कई छोटे-छोटे गांव थे, और यह 380 किलोमीटर (240 मील) दूर ल्हासा से था, जो तिब्बत की राजधानी है.

आज का भूकंप पिछले पांच सालों में 200 किलोमीटर के दायरे में सबसे शक्तिशाली भूकंप था.

2015 में नेपाल में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें लगभग 9,000 लोग मारे गए थे और 22,000 से अधिक लोग घायल हुए थे, साथ ही आधे मिलियन से ज्यादा घर भी नष्ट हो गए थे. नेपाल एक प्रमुख भूकंपीय दोष रेखा पर स्थित है, जहां भारतीय टेक्टोनिक प्लेट यूरेशियाई प्लेट में धकेलती है.