North Korea: उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन अक्सर अपने गीदड़भभकी के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में नार्थ कोरिया ने अपने देश के नए हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है, जो उन्हें अपने सैन्य ताकत को और भी बढ़ाने का अवसर देता है. यह घटना नवनिर्विचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यालय में लौटने से लगभग दो सप्ताह पहले हुई, जो उत्तर कोरिया के लिए एक महत्वपूर्ण समय था. किम जोंग उन ने लॉन्चपैड से मिसाइल की लॉंचिंग को गंभीरता से देखा और इस परीक्षण को उत्तर कोरिया की सैन्य ताकत के प्रतीक के रूप में पेश किया.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह परीक्षण तब हुआ जब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन दक्षिण कोरिया का दौरा कर रहे थे, जो उत्तर कोरिया का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है. किम ने बताया कि इस मिसाइल ने 1,500 किलोमीटर (930 मील) की दूरी तय की और पानी में गिरने से पहले ध्वनि की गति से 12 गुना ज्यादा तेजी से यात्रा की.
Kim looks on intensely as his new hypersonic missile ROARS off launchpad less than 2 weeks before Trump's return to office https://t.co/VMJmbdqT7r pic.twitter.com/y7EUDtsqfu
— RT (@RT_com) January 7, 2025
जानिए हाइपरसोनिक मिसाइल का क्या है महत्व?
हाइपरसोनिक मिसाइलें अत्यधिक गति से यात्रा करने में सक्षम होती हैं और इनका पता लगाना और उन्हें नष्ट करना काफी मुश्किल होता है। इन मिसाइलों का विकास वैश्विक सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है, खासकर उन देशों के लिए जिनके पास इस तरह की तकनीक नहीं है. किम जोंग उन का यह कदम उत्तर कोरिया की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दबाव में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
अमेरिकी चुनाव और उत्तर कोरिया के लिए संभावित परिणाम
ट्रम्प के कार्यालय लौटने की संभावना ने उत्तर कोरिया के लिए रणनीतिक बदलावों को जन्म दिया है. ट्रम्प के प्रशासन में उत्तर कोरिया के साथ कई बार बातचीत हुई थी, लेकिन दोनों देशों के बीच संबंधों में उतार-चढ़ाव आए थे. किम जोंग उन का यह मिसाइल परीक्षण ट्रम्प के संभावित पुनः पदभार ग्रहण करने से पहले ही एक रणनीतिक संकेत हो सकता है कि उत्तर कोरिया अपनी सैन्य शक्ति को और बढ़ा रहा है, जिससे अमेरिकी प्रशासन को इस पर पुनः विचार करना पड़े.