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पाकिस्तान का सपना हुआ चूर-चूर, दुनिया का सबसे बड़ा इस्लामिक देश BRICS में हुआ शामिल, अब क्या करेंगे शहबाज?

ब्राजील ने सोमवार को ऐलान किया कि इंडोनेशिया अब BRICS का पूर्ण सदस्य बन चुका है. जिसके पाकिस्तान में खलबली मच गई है. पाकिस्तान के लिए यह बढ़ झटका बताया जा रहा है.

Kamal Kumar Mishra
पाकिस्तान का सपना हुआ चूर-चूर, दुनिया का सबसे बड़ा इस्लामिक देश BRICS में हुआ शामिल, अब क्या करेंगे शहबाज?
Courtesy: x

BRICS Indonesia:  दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया अब BRICS में शामिल हो गया है. पाकिस्तान के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है. ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इंडोनेशिया, जो दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, अब वैश्विक शासन संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल साउथ के बीच सहयोग में महत्वपूर्ण योगदान देगा. 2023 में जोहान्सबर्ग सम्मेलन में इंडोनेशिया की सदस्यता को मंजूरी दी गई थी और अब इस देश का BRICS में समावेश हुआ है.

इंडोनेशिया का ब्रिक्स में शामिल होना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. पाकिस्तान ने हमेशा चाहा था कि दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया को इस समूह में न शामिल किया जाए, जबकि खुद पाकिस्तान ब्रिक्स में अपनी जगह बनाने की कोशिशों में लगा था. पाकिस्तान ने इसके लिए चीन का समर्थन भी प्राप्त करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली. अंततः इंडोनेशिया को यह मौका मिल गया.

ब्राजील, इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. ब्राजील ने इस मौके पर कहा कि उसका उद्देश्य ग्लोबल साउथ देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार करना है. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार का लक्ष्य सदस्य देशों के बीच व्यापार को सुगम बनाना है और इसके लिए नए भुगतान साधनों का विकास करना है.

डॉलर पर निर्भरता कम करना उद्देश्य

इसके अलावा, नवंबर 2024 में रूस में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान गैर-डॉलर लेनदेन को बढ़ावा देने और स्थानीय मुद्राओं को मजबूत करने पर चर्चा की गई थी. इस पहल का उद्देश्य डॉलर पर निर्भरता को कम करना है, हालांकि इस पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

BRICS में ये देश शामिल

ब्रिक्स का विस्तार जारी है. इसकी शुरुआत 2009 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने की थी, और 2010 में दक्षिण अफ्रीका को इसमें शामिल किया गया. पिछले वर्ष, ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात भी इसके पूर्ण सदस्य बने. अब, इंडोनेशिया का शामिल होना इस समूह के आकार और प्रभाव को और बढ़ाता है.