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अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने उठाए पाकिस्तान पर सवाल, एक्स पोस्ट कर रखी ये मांग

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है. इसे लेकर रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की मध्यस्था पर सवाल उठाए हैं.

Shilpa Shrivastava
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने उठाए पाकिस्तान पर सवाल, एक्स पोस्ट कर रखी ये मांग
Courtesy: AI

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है. इसे लेकर रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की मध्यस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इजराइल को पाकिस्तान पसंद नहीं करता है, जिससे उसकी भूमिका को समस्याग्रस्त या यूं कहें कि प्रॉब्लमैटिक बनाती है. 

ग्राहम का यह बयान तब आया है जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ किया कि पाकिस्तान अब्राहम समझौते में शामिल होने में दिलचस्पी नहीं रखता है. बता दें कि अब्राहम समझौता में इजराइल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को बढ़ावा देता है.

पाकिस्तान को देना होगा जवाब: लिंडसे ग्राहम

सीनेटर ग्राहम ने एक्स पर पोस्ट कर पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अपने हवाई अड्डों पर ईरानी सैन्य विमानों को पनाह दी है. उन्होंने पाकिस्तान के टॉप नेताओं द्वारा दिए गए बयानों को परेशान करने वाला बताया है. इसके साथ ही कहा कि इससे एक मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े होते हैं. 

लिंडसे ग्राहम ने किया पोस्ट:

उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है- मुझे काफी समय से यह साफ लग रहा है कि एक मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका बेहद समस्याग्रस्त है. इजराइल के प्रति उनकी शत्रुता बहुत पुरानी है. यह बात बिल्कुल सच है कि ईरानी सैन्य विमानों को पाकिस्तान के हवाई अड्डों पर पनाह दी जा रही है और पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों द्वारा अतीत में इजराइल के खिलाफ दिए गए बयान भी चिंताजनक हैं. यहां देखें पोस्ट- 

पाकिस्तान ने ठुकराया ट्रंप का प्रस्ताव:

बता दें कि पाकिस्तान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस निमंत्रण को ठुकरा दिया है, जिसमें उसे अब्राहम समझौते में शामिल होने के लिए कहा था. ट्रंप चाहते हैं कि कई मुस्लिम-बहुल देश मध्य पूर्व में शांति के बड़े प्रयासों के तहत इस ढांचे के तहत इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता दें, जिसमें पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर, तुर्की और जॉर्डन शामिल हैं. बता दें कि ट्रंप ने साल 2020 में अब्राहम समझौते पेश किए गए थे. इस समझौते में संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन सबसे पहले हस्ताक्षर करने वाले देश थे, जिनके बाद मोरक्को और सूडान ने हस्ताक्षर किए.