नई दिल्ली: एशिया पावर इंडेक्स 2025 में भारत ने एक बार फिर अपनी बढ़ती ताकत का एहसास दुनिया को करा दिया है. इस इंडेक्स के अनुसार भारत अब आधिकारिक रूप से एक मेजर पावर बन गया है. ऑस्ट्रेलिया के लोवी इंस्टीट्यूट द्वारा जारी इस रिपोर्ट में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 27 देशों की कुल ताकत का आकलन किया गया है. इसमें सैन्य शक्ति, आर्थिक क्षमता, कूटनीति, संस्कृति, भविष्य की ताकत और लचीलापन जैसे कई पहलुओं को जांचा गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 2025 में 40 पॉइंट की जरूरी सीमा को फिर से हासिल कर लिया है. इस बार भारत के स्कोर में 0.9 पॉइंट की बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़त ने भारत को मेजर पावर की श्रेणी में मजबूती से स्थापित कर दिया है. इसके उलट पाकिस्तान की स्थिति और कमजोर हो गई है.
NEW RESEARCH: The @LowyInstitute has today released the 2025 edition of the Asia Power Index, authored by @SusannahCPatton & @JackRSato, which measures resources and influence to rank the relative power of states in Asia.
— The Lowy Institute (@LowyInstitute) November 25, 2025
🌏Explore the Asia Power Index: https://t.co/v541RMGRit pic.twitter.com/B7oJIRVd6y
पाकिस्तान इस साल टॉप 10 देशों की सूची से बाहर हो गया है और उसे 16वां स्थान मिला है. पाकिस्तान सांस्कृतिक प्रभाव में बेहद कमजोर साबित हुआ है और इस श्रेणी में वह 22वें स्थान पर है. यह देश साल दर साल आर्थिक रूप से भी संघर्ष कर रहा है. रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय छवि और पाकिस्तान की गिरती स्थिति के बीच अंतर बहुत बड़ा हो चुका है.
एशिया पावर इंडेक्स के टॉप 10 देशों की सूची में संयुक्त राज्य अमेरिका पहले स्थान पर है जिसका स्कोर 80.5 (सुपर पावर) है. चीन 73.7 स्कोर के साथ (सुपर पावर) दूसरे स्थान पर है. भारत 40.0 स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर है और यह मेजर पावर है. इसके बाद जापान 38.8 (मिडल पावर), रूस 32.1 (मिडल पावर), ऑस्ट्रेलिया 31.8 (मिडल पावर), दक्षिण कोरिया 31.5 (मिडल पावर), सिंगापुर 26.8 (मिडल पावर), इंडोनेशिया 22.5 (मिडल पावर) और मलेशिया 20.66 (मिडल पावर) शामिल हैं. यह रैंकिंग एशिया क्षेत्र में शक्ति के नए समीकरणों को दर्शाती है.
भारत ने दो मुख्य क्षेत्रों में बड़ी बढ़त हासिल की है. इकोनॉमिक कैपेबिलिटी और फ्यूचर रिसोर्स श्रेणियों में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए अपनी आर्थिक शक्ति में सुधार किया है. आंतरिक निवेश बढ़ने से भारत की आर्थिक संबंध श्रेणी की रैंक नौवे स्थान पर पहुंच गई है. यह पहली बार है जब भारत ने इस श्रेणी में उछाल दर्ज किया है. भारत अब एशिया में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका का कुल स्कोर इस साल 1.2 पॉइंट गिर गया है. यह 2018 में इंडेक्स शुरू होने के बाद इसका सबसे कम स्कोर है. इसके बावजूद अमेरिका अब भी सबसे मजबूत देश है. हालांकि कूटनीतिक प्रभाव में अमेरिका तीसरे स्थान पर है और इस क्षेत्र में उसके स्कोर में सबसे ज्यादा गिरावट आई है. रिपोर्ट के अनुसार यह गिरावट राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों के नकारात्मक असर को दिखाती है.