ब्रेंट काउंसिल ने पान थूकने की आदत को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया है. हर साल सड़कों, दुकानों और इमारतों से पान के दाग हटाने पर 30,000 पाउंड से अधिक खर्च हो रहा था.
अब काउंसिल ने सार्वजनिक स्थानों पर पकड़े जाने वाले लोगों पर 100 पाउंड का जुर्माना लगाने की घोषणा की है. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सिर्फ सड़कों की सफाई के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी है.
ब्रेंट काउंसिल ने बताया कि सड़कों, दुकानों और सार्वजनिक इमारतों से पान के दाग हटाने में सालाना लगभग 30,000 पाउंड यानी 35 लाख रुपये खर्च हो रहे थे. यह खर्च न केवल वित्तीय बोझ बन रहा था, बल्कि शहर की सार्वजनिक जगहों की हालत को भी प्रभावित कर रहा था. सफाई टीमों को लगातार काम करना पड़ता था, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया.
काउंसिल ने कहा कि अब पान थूकने वालों के खिलाफ शून्य-सहनशीलता नीति अपनाई जाएगी. जो लोग पकड़े जाएंगे, उन्हें तुरंत 100 पाउंड का जुर्माना दिया जाएगा. इस कदम के तहत ब्रेंट की सड़कों पर अतिरिक्त निगरानी अधिकारियों को तैनात किया गया है. जनता को भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन गंभीर परिणाम ला सकता है.
काउंसिल ने इंस्टाग्राम पर सफाई अभियान का वीडियो साझा किया. इसमें साफ-सफाई टीम पान के दाग हटाती दिखाई दी. वीडियो में बताया गया कि अब शहर की सड़कों को गंदा करने वालों को तुरंत पकड़ा जाएगा. प्रशासन ने कहा कि यह कदम सामान्य जीवन को बेहतर, पार्कों को हराभरा और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है.
ब्रेंट काउंसिल ने पान और धूम्रपान छोड़ने के लिए नागरिकों को समर्थन भी देने की व्यवस्था की है. एक-से-एक समर्थन कार्यक्रम के तहत लोगों को आदत छोड़ने में मदद दी जाएगी. यह पहल स्वास्थ्य सुधार के साथ-साथ सार्वजनिक सफाई बनाए रखने में भी सहायक है.
काउंसिल ने पान थूकने के प्रमुख क्षेत्रों में बैनर लगाए हैं और अतिरिक्त अधिकारी तैनात किए हैं. काउंसिल के पब्लिक रियल्म एंड एंफोर्समेंट के कैबिनेट सदस्य, क्रुपा शेट ने कहा, 'ब्रेंट की सड़कों को गंदा करने वालों को हम पकड़ेगें और जुर्माना लगाएंगे. नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए कोई सहनशीलता नहीं होगी.'
ब्रेंट काउंसिल का यह कदम शहर की साफ-सफाई और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. पान थूकने पर जुर्माना और जागरूकता अभियान दोनों मिलकर शहर की सड़कों को साफ, सुरक्षित और स्वास्थ्यप्रद बनाएंगे.