दुबई के कई लोगों के मोबाइल फोन पर शुक्रवार को एक आपातकालीन अलर्ट आया, जिसमें संभावित मिसाइल हमले की चेतावनी दी गई. इस संदेश में लोगों से कहा गया कि वे बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें, सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें. अलर्ट मिलने के बाद कई इलाकों में लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल बन गया.
कुछ निवासियों ने बताया कि उनके फोन पर लगातार चार बार चेतावनी संदेश आया. इसके बाद कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर जरूरी सामान जमा कर लिया. लोगों ने पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज एक बैग में रखकर तैयार कर लिए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित जगह जा सकें.
पिछले कुछ दिनों से मध्य पूर्व में तनाव तेजी से बढ़ रहा है. बताया जा रहा है कि ईरान ने खाड़ी के कई देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं. इसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी कारण कई देशों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.
तनाव बढ़ने का असर हवाई यात्रा पर भी दिखाई दे रहा है. कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है या उड़ानों पर रोक लगा दी है. इससे मध्य पूर्व के कई बड़े एयरपोर्ट पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दुबई का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है, इसलिए यहां भी उड़ानों में देरी और रद्द होने की खबरें सामने आई हैं.
उड़ानें प्रभावित होने के कारण बड़ी संख्या में भारतीय यात्री खाड़ी देशों में फंस गए थे, खासकर संयुक्त अरब अमीरात में. हालांकि सोमवार से धीरे-धीरे कई यात्री भारत लौटने में सफल हुए हैं. कुछ यात्रियों ने बताया कि दुबई और यूएई प्रशासन ने हालात को संभालने के लिए अच्छी व्यवस्था की.
इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि संयुक्त अरब अमीरात अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है लेकिन यूएई सरकार ने इस खबर को गलत बताया. सरकारी एजेंसी के अनुसार देश ने अपनी रक्षा नीति में कोई बदलाव नहीं किया है.
क्षेत्र में जारी हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है. कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि हालात बिगड़ने से रोके जा सकें और इलाके में शांति बहाल हो सके.