नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रही जंग करीब एक महीने पूरे होने को है. इसी बीच मंगलवार रात कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमला हुआ. ड्रोन ने एयरपोर्ट के ईंधन टैंक को निशाना बनाया और वहां जोरदार आग भड़क उठी. आसमान में घने काले धुएं के गुबार उठते देखे गए. कुवैत की सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने पुष्टि की कि हमले से सिर्फ सीमित नुकसान हुआ है और किसी की जान नहीं गई. यह हमला क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाला है.
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईंधन टैंक पर ईरानी ड्रोन के हमले से भारी आग लग गई. मंगलवार देर रात हुए इस हमले में आसपास का इलाका धुएं से भर गया. स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक जोरदार धमाका हुआ और फिर लपटें उठने लगीं. कुवैत की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बयान जारी कर कहा कि ड्रोन ने ईंधन टैंक को सीधा निशाना बनाया. हालांकि आग को जल्दी काबू में कर लिया गया. प्राधिकरण के अनुसार नुकसान बहुत ज्यादा नहीं है और एयरपोर्ट के बाकी हिस्सों पर कोई असर नहीं पड़ा.
कुवैत आर्मी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दुश्मन मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया जा रहा है. कुवैत नेशनल गार्ड ने स्पष्ट किया कि उसके जवानों ने छह ड्रोन को बीच में ही मार गिराया. इससे पहले कई हमलों को रोका गया था. सेना के अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा सबसे ऊपर है और हर खतरे से निपटा जाएगा. इस हमले के बाद एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. लोग अब भी सतर्क हैं क्योंकि क्षेत्र में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा.
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Fire reported at fuel tanks, Kuwait International Airport
— Press TV 🔻 (@PressTV) March 25, 2026
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कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर व्यावसायिक उड़ानें फिलहाल बंद कर दी गई हैं. क्षेत्रीय युद्ध शुरू होने के बाद से यह एयरपोर्ट कई बार हमलों का निशाना बन चुका है. 28 फरवरी को जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, तब से यहां बार-बार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं. मार्च 14 को भी ड्रोन ने एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचाया था. अब इस नए हमले से यात्री सेवाएं और प्रभावित हुई हैं. अधिकारियों ने कहा कि स्थिति सामान्य होने तक उड़ानें स्थगित रहेंगी.
ईरान की तरफ से लगातार जवाबी कार्रवाई हो रही है. कुवैत के अलावा दूसरे खाड़ी देशों पर भी हमले रिपोर्ट हुए हैं. ईरान का कहना है कि यह सब इजराइल-अमेरिका के हमलों का जवाब है. क्षेत्रीय युद्ध अब एक महीने के करीब पहुंच गया है और दोनों तरफ से हमले बढ़ते जा रहे हैं. कुवैत जैसे छोटे देश भी इस जंग की चपेट में आ गए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ा तो पूरे खाड़ी इलाके में तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
कुवैत सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. एयरपोर्ट पर काम करने वाले स्टाफ और सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटना पर नजर रखे हुए है. अभी तक कोई हताहत नहीं होने की खबर राहत भरी है लेकिन नुकसान की भरपाई और सुरक्षा मजबूत करने की चुनौती बनी हुई है. क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं लेकिन फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.