menu-icon
India Daily

क्या आज कुर्सी छोड़ देंगे कीर स्टार्मर? 100 से ज्यादा सांसद हुए बागी, ब्रिटेन में गहराया सत्ता का संकट

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर अपनी ही पार्टी के 100 से अधिक सांसदों का दबाव बढ़ गया है. मीडिया रिपोर्टों में उनके इस्तीफे की संभावना जताई गई है. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
क्या आज कुर्सी छोड़ देंगे कीर स्टार्मर? 100 से ज्यादा सांसद हुए बागी, ब्रिटेन में गहराया सत्ता का संकट
Courtesy: @perlinaino X Account

नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है. मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि स्टार्मर अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं और सत्ता छोड़ने की समय-सीमा भी तय कर सकते हैं. हालांकि सरकार से जुड़े सूत्रों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री अभी भी अपने काम और शासन पर पूरी तरह केंद्रित हैं. 

स्टार्मर पर दबाव काफी समय से बढ़ रहा है. उनकी पार्टी लेबर पार्टी के 100 से अधिक सांसद सार्वजनिक रूप से उनके नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं और कई सांसद चाहते हैं कि वे पद छोड़ने की स्पष्ट योजना पेश करें. 

कब हुई स्थिति गंभीर?

उस समय स्थिति और गंभीर हो गई जब स्टार्मर के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम ने मेकरफील्ड उपचुनाव में जीत दर्ज की. इस जीत के बाद बर्नहैम के पास संसद में लौटकर नेतृत्व चुनौती पेश करने का रास्ता खुल गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बर्नहैम को पार्टी के भीतर तेजी से समर्थन मिल रहा है और उन्हें स्टार्मर के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है. 

रिपोर्टों में क्या आया सामने?

रिपोर्टों के अनुसार स्टार्मर अपने आधिकारिक ग्रामीण आवास 'चेकर्स' में परिवार और करीबी सहयोगियों के साथ भविष्य को लेकर चर्चा कर रहे हैं. वहीं उन्होंने हाल ही में कहा था कि यदि नेतृत्व को चुनौती दी जाती है तो वह मुकाबला करने के लिए तैयार हैं और आसानी से पीछे नहीं हटेंगे. 

क्या होगा इसका असर?

इस राजनीतिक संकट का असर ब्रिटेन की सत्तारूढ़ लेबर पार्टी पर भी पड़ रहा है. कई वरिष्ठ नेता मानते हैं कि लंबे समय तक जारी आंतरिक संघर्ष पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है. दूसरी ओर कुछ नेताओं का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन से पार्टी को नई दिशा मिल सकती है. 

स्टार्मर वास्तव में इस्तीफा देंगे या नहीं फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है लेकिन इतना तय है कि ब्रिटेन की राजनीति एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुकी है और आने वाले कुछ दिन देश के राजनीतिक भविष्य को तय कर सकते हैं.