कोलंबिया में सोमवार, 10 अगस्त की सुबह करीब 7:34 बजे धरती जोरदार झटकों से हिल उठी. भूकंप की तीव्रता 7.4 बताई गई और इसका केंद्र चोको प्रांत में सैन होसे डेल पाल्मार के पास था.
भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 100 से 110 किलोमीटर नीचे था. इतनी गहराई के बावजूद इसके झटके पश्चिमी और मध्य कोलंबिया के बड़े हिस्से में महसूस किए गए.
भूकंप के बाद पेरेइरा, कैली, मनीजालेस और आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है. कई मकान और इमारतें ढह गईं, जबकि सड़कों पर मलबा फैल गया. शुरुआती जानकारी में मृतकों की संख्या 79 बताई गई थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने कम से कम 111 लोगों की मौत की पुष्टि की. सैकड़ों लोग घायल हैं और कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं. भूकंप के कुछ ही समय बाद 5.0 तीव्रता का एक और झटका आया, जिससे लोगों में दहशत और बढ़ गई.
Terrifying video: University Hospital collapses in Colombia 🇨🇴 after massive 7.4 earthquake pic.twitter.com/B48ZrqPrq5
— TaraBull (@TaraBull) August 10, 2026
A 7.4-MAGNITUDE EARTHQUAKE HAS LEFT #COLOMBIA DEVASTATED
— Rizwan Ashraffi (@rizwanace) August 11, 2026
At least 111 people have been killed and 1,600+ buildings damaged after the quake struck near #SanJosédelPalmar in the remote Chocó region.
The tremors were felt hundreds of kilometres away, including in #Bogotá and… pic.twitter.com/9Vu0RX6zJN
Strong earthquake tremors were felt in #Pereira, Colombia, as the ground shook and residents were left frightened. 🌎#Temblor pic.twitter.com/Q5pS11KtI4
— Mahrosh Pervaiz (@MahroshPervaiz1) August 10, 2026
भूकंप के कारण कुछ हवाई अड्डों को भी नुकसान पहुंचा है और कई उड़ानें रोकनी पड़ीं. आफ्टरशॉक के डर से बड़ी संख्या में लोग घरों में लौटने के बजाय सड़कों पर जमा रहे. सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति घोषित कर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं. कोलंबिया दक्षिण अमेरिकी प्लेट और नाज्का प्लेट के बीच स्थित सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में आता है. यहां प्लेटों की हलचल के कारण जमीन के भीतर लगातार तनाव बनता रहता है.
Colombia earthquake 🫨 pic.twitter.com/4dQO0Nga07
— Arun Shah™ (@arunshah240) August 11, 2026
वैज्ञानिकों के अनुसार इस भूकंप के पीछे जमीन के भीतर प्लेटों के क्षैतिज खिसकने की प्रक्रिया को जिम्मेदार माना जा रहा है. भूकंप की अधिक गहराई के कारण इसकी ऊर्जा बड़े क्षेत्र में फैली. इसके बावजूद कमजोर और पुरानी इमारतों को भारी नुकसान हुआ. अधिकारियों का कहना है कि कई क्षेत्रों में नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है.