share--v1

Israel-Hamas War : माथे पर तानी बंदूक और मारे मुक्के, इजरायली महिला वकील ने सुनाई यौन उत्पीड़न की खौफनाक दास्तां

Israel-Hamas War: बीते 7 अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमले के दौरान हमास के लड़ाकों द्वारा किडनैप की गई इजरायल की महिला वकील ने कैद के दौरान हुए यौन शोषण का दर्दनाक खुलासा किया है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से गाजा में अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न व हिंसा पर बात की है. 

auth-image
India Daily Live

Israel-Hamas War: इजरायल में बीते 7 अक्टूबर को हुए हमले में हमास के लड़ाकों ने कई इजरायली नागरिकों को कैद कर लिया था. इस कैद से बाहर आईं इजरायल की महिला वकील अमित सौसाना ने हमास की कैद में बिताए अपने 55 दिनों के दर्दनाक अनुभव को साझा किया है. 

40 वर्षीय साल की इजरायल की महिला वकील अमित सौसाना ने बताया कि उस समय हमास के लड़ाकों ने कम से कम 10 लोगों उनके घर में किडनैप किया था. सौसान को साल 2023 के नवंबर के अंत में बंधकों की अदलाबदली में रिहा किया गया था. 

द न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ बातचीत करते हुए सौसाना ने अपनी दर्दभरी दास्तां को शेयर किया है.इसके साथ उन्होंने अपने साथ हुई मानसिक और शारीरिक बर्बरता को भी पूरी दुनिया के सामने रखा है. 

जानवरों की तरह बांधकर रखा 

अमित सौसाना ने बताया कि कैद में वहां का गार्ड उनकी सेक्स लाइफ के बारे में पूछता था. इसके साथ ही उन्हें बच्चे के बेडरूम में जानवरों की तरह जंजीर से बांधकर रखा गया था. सौसाना ने बताया कि गार्ड जब अदंर आता था तो उनके साथ बिस्तर पर बैठता था. उनकी शर्ट उठाता तो कभी उन्हें छूता था. 

पीरियड्स की लेता था जानकारी

सौसाना ने बताया कि गार्ड उनसे उनके पीरियड्स के बारे में पूछता था कि उनको पीरियड्स कब आएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कई बार तो खून निकलने का बहाना बनाकर उन्होंने गार्ड को टालने की कोशिश की है. 

गार्ड ने कर दिया हमला

उन्होंने बताया कि एक बार मुहम्मद नाम के गार्ड ने उनपर हमला भी कर दिया था. उन्होंने बताया कि जब वो अपने कपड़े उतारकर बाथटब में नहाने लगीं तो मुहम्मद वापस आया और बंदूक लेकर दरवाजे पर खड़ा हो गया. इसके बाद उसने उनके माथे पर बंदूक तान दी. जान से मारने की धमकी दी और तौलिया हटाने को बोला. इसके बाद मुहम्मद ने उन्हें छुआ और बाथटब के किनारे बैठाकर पीटा. 

सभी महिलाओं की आवाज बनीं सौसाना

इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने न्यूयॉर्क टाइम्स की इस रिर्पोट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सौसाना उन करोड़ों महिलाओं की आवाज बनी हैं, जो खुलकर बोल नहीं सकती हैं. उन्होंने कहा कि वे हमास के क्रूर आतंक की निंदा करते हैं. इसके साथ ही सभी बंधकों की तत्काल वापसी की मांग करते हैं.