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India Daily

लेबनान सीमा पर तनाव बरकरार! 'हिज्बुल्लाह पर नहीं होगी कोई रियायत...', US-ईरान सीजफायर पर नेतन्याहू का बड़ा बयान

इजरायल ने अमेरिका-ईरान सीजफायर का समर्थन किया है, लेकिन स्पष्ट किया कि यह समझौता हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष पर लागू नहीं होगा. क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
लेबनान सीमा पर तनाव बरकरार! 'हिज्बुल्लाह पर नहीं होगी कोई रियायत...', US-ईरान सीजफायर पर नेतन्याहू का बड़ा बयान
Courtesy: @ani_digital X account and pinterest

नई दिल्ली: इजरायल ने ईरान के साथ अमेरिका के अस्थायी सीजफायर का समर्थन किया है लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि इस समझौते में लेबनान में हिज्बुल्लाह के साथ चल रहा संघर्ष शामिल नहीं है.

बुधवार को जारी एक बयान में नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने दो हफ्तों के लिए ईरान पर हमले रोकने का निर्णय लिया है. यह रोक इस शर्त पर आधारित है कि ईरान तुरंत 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोल दे और अमेरिका, इजरायल तथा क्षेत्र के अन्य देशों पर होने वाले सभी हमलों को रोक दे.

इस बयान और क्या कहा गया?

इस बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि इजरायल, ईरान को परमाणु हथियार बनाने या ऐसी मिसाइल क्षमताएं विकसित करने से रोकने के लिए वॉशिंगटन के बड़े प्रयासों का समर्थन करता है, जिनसे इस क्षेत्र को खतरा हो सकता है.

हालांकि नेतन्याहू ने यह साफ कर दिया कि ईरान के साथ सीजफायर के लिए इजरायल का समर्थन हिज्बुल्लाह के साथ संभावित टकरावों पर लागू नहीं होता. यह इस बात का संकेत है कि इजरायल अपनी उत्तरी सीमा पर लगातार सतर्कता बनाए रखेगा.

ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ नियोजित सैन्य हमलों को दो हफ्तों के लिए रोक दिया जाएगा. उन्होंने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर इस फैसले की घोषणा, अपनी उस पिछली समय-सीमा के ठीक पहले की, जिससे तनाव बढ़ने का खतरा था.

ट्रंप ने इस रोक को 'दो-तरफा सीजफायर' बताया, जिसका अर्थ है कि इस दौरान अमेरिका और ईरान दोनों से ही यह अपेक्षा की जाती है कि वे किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई से दूर रहेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार हमलों में यह रोक तब लगाई गई, जब ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने पर सहमति जताई. यह जलमार्ग वैश्विक तेल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

अपने पोस्ट में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान में अपने मुख्य सैन्य लक्ष्यों को पहले ही हासिल कर लिया है. उन्होंने आगे कहा कि वॉशिंगटन को तेहरान से एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसमें उन सभी मुद्दों का समाधान प्रस्तुत किया गया है, जिनके कारण पहले दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी.