नई दिल्ली: दुनिया के सबसे तनावपूर्ण इलाके में अचानक बड़ी राहत की खबर आई है. अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति व्यक्त कर दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार शाम को यह ऐलान किया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अनुरोध पर ट्रंप ने ईरान पर हमले की तैयारी रोक दी. इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी हलचल मच गई है.
युद्धविराम की शर्त में ईरान को हार्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए पूरी तरह खोलना होगा. ट्रंप ने कहा कि ईरान ने 10 सूत्री शांति योजना भी दी है, जिसे वे व्यवहार्य मानते हैं. इस घोषणा के तुरंत बाद तेल की कीमतें जोरदार गिर गईं. वैश्विक निवेशक अब उम्मीद जगा रहे हैं कि आगे बातचीत से स्थायी शांति हो सकती है.
युद्धविराम की खबर आते ही कच्चे तेल के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई. अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 18% टूटकर 92.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. ब्रेंट क्रूड भी 6% सस्ता होकर 103.40 डॉलर पर पहुंच गया. हालांकि दोनों कीमतें अभी भी युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से काफी ऊपर हैं.
ट्रंप ने हमले की डेडलाइन से महज 90 मिनट पहले फैसला बदला. पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से बातचीत के बाद उन्होंने ईरान पर कार्रवाई टाल दी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और तुरंत खोलने की शर्त पर दो सप्ताह का युद्धविराम मान लिया गया है.
तेहरान में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने युद्धविराम को स्वीकार कर लिया है. शुक्रवार 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होगी. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों पक्षों को आमंत्रित किया है. ईरान ने 10 सूत्री शांति योजना भी पेश की है.
तेल की कीमतों में गिरावट के साथ अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स में 2.4% की तेजी आई है. एसएंडपी 500 फ्यूचर्स मजबूत हुए हैं. निवेशकों को उम्मीद है कि अगर बातचीत सफल रही तो मध्य पूर्व में तनाव कम होगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका नहीं लगेगा.