इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया है कि उनकी सरकार ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मध्य दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा पेश किए गए नए युद्धविराम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह जानकारी रॉयटर्स ने स्थानीय इजरायली मीडिया के हवाले से दी है. प्रस्ताव का उद्देश्य इजरायल-हमास संघर्ष को रोकना और गाजा पट्टी में शांति की दिशा में कदम बढ़ाना है.
फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने भी पुष्टि की है कि उसे यह प्रस्ताव मध्यस्थों के माध्यम से प्राप्त हुआ है. संगठन के मुताबिक, वे प्रस्ताव का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं और सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं.
विटकॉफ को है दीर्घकालिक समाधान की उम्मीद
विटकॉफ ने पहले ही संकेत दिया था कि उन्हें इस प्रस्ताव के ज़रिए संघर्ष को समाप्त करने और बंधकों की सुरक्षित रिहाई की उम्मीद है. वाशिंगटन में एक बयान में उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि हम अस्थायी युद्धविराम और दीर्घकालिक शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में बढ़ सकते हैं."
क्या है युद्धविराम प्रस्ताव की रूपरेखा?
हालांकि यह प्रस्ताव आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन एक हमास अधिकारी और एक मिस्र के अधिकारी ने कुछ अहम बिंदुओं की पुष्टि की है. इन अधिकारियों के अनुसार:
60 दिनों के लिए युद्धविराम लागू होगा.
इस अवधि में गंभीर शांति वार्ताएं होंगी, जो स्थायी संघर्षविराम की दिशा में बढ़ेंगी. इजरायल को यह आश्वासन देना होगा कि बंधकों की रिहाई के बाद वह दुबारा हमला नहीं करेगा. इजरायली सेना उन स्थितियों पर लौटेगी जहां वह पहले युद्धविराम के समय थी.
हमास 10 जीवित बंधकों और कुछ शवों को सौंपेगा.
बदले में इजरायल 1,100 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा, जिनमें 100 ऐसे हैं जिन्हें जानलेवा हमलों के लिए लंबी सजा मिली है.
इजरायल की रणनीति बनी रहेगी सख्त
हालांकि इजरायल ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, लेकिन उसने यह स्पष्ट किया है कि गाजा पर नियंत्रण पाने और हमास को पूरी तरह समाप्त करने तक उसका अभियान जारी रहेगा. इसके अलावा, 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले में बचे हुए 58 बंधकों की वापसी तक इजरायल पीछे नहीं हटेगा.
संघर्ष में अब तक भारी नुकसान
7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में लगभग 1,200 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर आम नागरिक थे, और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था. इसके जवाब में इजरायली हमलों में अब तक गाजा में लगभग 54,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें आम नागरिक और लड़ाके शामिल हैं. यह आंकड़ा गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है.