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India Daily

'ट्रेड की बात नहीं हुई', भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम पर ट्रंप के झूठ का विदेश मंत्रालय ने खोल दिया धागा

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बार फिर से ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम को लेकर व्यापार वाले दावे को नकार दिया है.

Gyanendra Tiwari
'ट्रेड की बात नहीं हुई', भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम पर ट्रंप के झूठ का विदेश मंत्रालय ने खोल दिया धागा
Courtesy: Social Media

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बार फिर इस बात से इनकार किया कि भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी शिविरों पर ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के बाद से दोनों देशों के बीच हुई चर्चाओं में अमेरिका के साथ व्यापार पर कोई चर्चा हुई थी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "मैं आपको 13 मई को दी गई हमारी स्थिति की याद दिलाना चाहता हूँ. जब से 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तब से अब तक किसी भी बातचीत में व्यापार या टैरिफ (शुल्क) का मुद्दा नहीं उठा. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी स्पष्ट कर दिया था कि युद्धविराम की बात सीधे डीजीएमओ के ज़रिए तय हुई थी."

पाक DGMO ने किया था संपर्क

जैसवाल ने दोहराया कि संघर्षविराम (सीज़फायर) की पहल पाकिस्तान की ओर से हुई थी. पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने भारत के DGMO से संपर्क किया था. उन्होंने यह भी साफ कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी.

13 मई की ब्रीफिंग में जैसवाल ने कहा था कि भारत की स्थिति स्पष्ट है — हम किसी भी तरह की परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेंगे और आतंकवाद को परमाणु हथियारों के बहाने छिपाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने दूसरे देशों से बातचीत में उन्हें सावधान किया था कि अगर वे ऐसी स्थितियों का समर्थन करेंगे, तो भविष्य में उनके अपने क्षेत्र में इसका नुकसान हो सकता है.

यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे थे कि भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुआ संघर्षविराम उनकी कोशिशों का नतीजा है. उन्होंने कहा था कि उन्होंने दोनों देशों के साथ व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत करते हुए यह शांति करवाई.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट

सीज़फायर के तुरंत बाद ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा था, “अमेरिका की मध्यस्थता से रातभर चली बातचीत के बाद मैं यह घोषणा करते हुए खुश हूं कि भारत और पाकिस्तान ने तत्काल संघर्षविराम पर सहमति बना ली है. दोनों देशों को समझदारी और बुद्धिमानी दिखाने के लिए बधाई."

उन्होंने इसे एक बड़ी कूटनीतिक जीत बताया और कहा कि उन्होंने संभावित परमाणु युद्ध को टाल दिया. उन्होंने यह भी कल्पना की कि भारत और पाकिस्तान के नेता एक दिन साथ बैठकर भोजन करेंगे और शांति से बात करेंगे.