नई दिल्ली: महज 14 साल की छोटी उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट में एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान के खिलाफ खेलते हुए इस युवा बल्लेबाज ने इतिहास रच दिया. उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने न सिर्फ भारत को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि कई पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए.
यह मुकाबला बुधवार, 4 फरवरी को जिम्बाब्वे के हरारे में खेला गया. पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया. फैसल शिनोजादा ने 110 रन की बेहतरीन शतकीय पारी खेली, जबकि उजैरुल्लाह नियाजई ने भी 101 रन बनाकर टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया. इन दोनों शतकों की बदौलत अफगानिस्तान ने निर्धारित 50 ओवरों में 310 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, जो किसी भी सेमीफाइनल मुकाबले में चुनौतीपूर्ण माना जाता है.
इसके जवाब में भारतीय टीम ने बिना दबाव के शानदार अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की. ओपनिंग करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने आते ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने महज 33 गेंदों में 68 रन ठोक दिए, जिसमें चौके के साथ-साथ चार लंबे छक्के भी शामिल थे. उनकी इस तूफानी पारी ने मैच की दिशा पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दी.
इस पारी के साथ ही वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. टूर्नामेंट में उनके कुल छक्कों की संख्या 15 हो गई, जिससे उन्होंने संजू सैमसन और गौरव धीमान जैसे बड़े नामों को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने पहले 12-12 छक्के लगाए थे.
वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप के एक संस्करण में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड संजू सैमसन के नाम था, जिन्होंने 2014 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में 12 छक्के लगाए थे.
वैभव के अलावा एरोन जॉर्ज ने भी शानदार बल्लेबाजी की. उन्होंने 115 रन की बेहतरीन शतकीय पारी खेली और टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचाया. भारतीय बल्लेबाजों के आत्मविश्वास भरे प्रदर्शन के सामने अफगानिस्तान के गेंदबाज ज्यादा असरदार साबित नहीं हो सके.
आखिरकार भारत ने बड़े लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और शानदार जीत के साथ फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. इस जीत में वैभव सूर्यवंशी की भूमिका सबसे अहम रही. इतनी कम उम्र में इतना बड़ा प्रदर्शन करना यह दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद उज्ज्वल हाथों में है. वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ एक उभरता हुआ नाम नहीं, बल्कि भारतीय अंडर-19 क्रिकेट के नए सितारे बन चुके हैं.