नई दिल्ली: पाकिस्तानी सरकार ने अफगानिस्तान के अंदर अपने सैन्य अभियानों को लेकर भारत की आलोचना को खारिज कर दिया है. पाकिस्तान ने कहा कि इस मुद्दे पर भारत की टिप्पणियां अनावश्यक और बेतुकी हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. बयान में जोर देकर कहा गया कि इस मुद्दे पर भारत का अपना रिकॉर्ड ही बहुत खराब है.
भारत ने हाल के दिनों में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हमलों की निंदा की है. भारत के रुख से जुड़े सवालों के जवाब में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने रविवार को एक जवाब जारी किया. ताहिर ने कहा कि भारत का बयान पूरी तरह से बेबुनियाद है. पाकिस्तान ने आतंकवादी समूहों को निशाना बनाया है. एक ऐसा कदम जिसे उठाने का उसे पूरा अधिकार है.
ताहिर अंद्राबी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अफगानिस्तान के अंदर आतंकवादियों और उनके ठिकानों के खिलाफ पाकिस्तान के हमले वैध, लक्षित और सटीक हैं. भारत अफ़गानिस्तान की धरती से संचालित होने वाले आतंकवादी संगठनों को समर्थन देता है. नतीजतन, भारत अफगानिस्तान में उन नेटवर्क के खत्म होने से हताश है जो उसके इशारे पर काम करते हैं.
इस बयान में पाकिस्तानी प्रवक्ता ने एक बार फिर सिंधु जल संधि और कश्मीर मुद्दे का भी जिक्र किया. ताहिर ने कहा, 'भारत सिंधु जल संधि के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन करते हुए पानी को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है. भारत के ऐसे कदम न केवल अफ़गानिस्तान में बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति को खतरे में डालते हैं.'
भारत ने रविवार सुबह अफगानिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान क्षेत्र पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है.
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तान ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में नागरिकों पर बमबारी की, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों लोग मारे गए. अफगानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है.