नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिश में नया मोड़ आ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाकर ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना सौंपी. लेकिन ईरान ने इस प्रस्ताव का सीधा मजाक उड़ा दिया. ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका खुद से बात कर रहा है. इस बीच अमेरिका क्षेत्र में और सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है, जिससे समझौते की संभावना और कम होती दिख रही है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के माध्यम से ईरान को सौंपी गई. पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की थी. अमेरिकी मीडिया ने सबसे पहले यह खबर दी कि अमेरिकी प्रस्ताव ईरानी अधिकारियों तक पहुंच चुका है. इस योजना में युद्ध रोकने और क्षेत्रीय तनाव घटाने के कई सुझाव दिए गए हैं, लेकिन ईरान ने इसे गंभीरता से लेने से इनकार कर दिया.
ईरान की सेना के खातम अल-अन्बिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फाघारी ने बुधवार को वीडियो बयान जारी कर अमेरिकी प्रयासों का मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा, 'क्या आपके आंतरिक मतभेद इतने बढ़ गए हैं कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं?' जुल्फाघारी ने साफ कहा कि ईरान अमेरिका जैसे देश से कभी समझौता नहीं करेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह हमारी पहली और आखिरी बात है और हमेशा यही रहेगी.
इस प्रस्ताव के बीच अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत कर रहा है. पेंटागन 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से एक हजार अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा हैय. इसके अलावा दो मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भी तैनात की जा रही हैं, जिसमें करीब पांच हजार मरीन और नौसेना के हजारों जवान शामिल होंगे. क्षेत्र में पहले से ही 50 हजार अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं. इजरायली अधिकारी इस युद्धविराम योजना से हैरान हैं क्योंकि अमेरिका अभी भी युद्ध जारी रखने की तैयारी कर रहा है.
ईरानी प्रवक्ता जुल्फाघारी ने कहा कि अमेरिका की रणनीतिक ताकत अब रणनीतिक विफलता में बदल चुकी है. उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश खुद को विश्व की महाशक्ति कहता है, उसे इस संकट से निकलना चाहिए था. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नौवहन बाधित कर दिया है, जिससे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. जुल्फाघारी ने कहा, 'अपनी हार को समझौते का नाम मत दीजिए. खोखले वादों का दौर अब खत्म हो चुका है.'