नई दिल्ली: इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना में शनिवार शाम एक बड़ा मिसाइल हमला हुआ, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और कई लोग घायल हो गए. यह शहर देश के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र के लिए जाना जाता है, इसलिए इस हमले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है.
इजरायल की आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम के अनुसार, इस हमले में कम से कम 37 लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी. इनमें कई लोग विस्फोट के टुकड़ों से घायल हुए हैं. घायलों में एक 10 साल का बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत स्थिर बताई गई है.
आपातकालीन सेवा ने बताया कि कई लोग बंकरों की ओर भागते समय भी घायल हो गए, जबकि कुछ लोग हमले के कारण घबराहट और तनाव का शिकार हो गए. सभी घायलों का मौके पर ही इलाज किया गया और जरूरत पड़ने पर अस्पताल भेजा गया.
यह हमला ऐसे समय हुआ जब ईरान ने दावा किया कि उसने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया है. इससे पहले ईरान के Natanz Nuclear Facility पर हमले की खबर सामने आई थी, जिसे लेकर ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाए हैं. हालांकि इजरायली सेना ने इस हमले में अपनी भूमिका से साफ इनकार किया है.
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने डिमोना हमले के बाद स्थिति पर नजर रखी है. एजेंसी ने कहा कि अब तक किसी भी तरह का रेडिएशन लीक नहीं पाया गया है और परमाणु केंद्र को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है.
IAEA के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने बताया कि एजेंसी इस पूरे मामले की जांच कर रही है और क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
इसी दौरान इजरायल के एक और दक्षिणी शहर अराद पर भी मिसाइल हमला हुआ. इजरायली सेना इन हमलों को रोकने में असफल रही, जो अब तक की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ने कहा कि अगर Dimona जैसे सुरक्षित क्षेत्र में भी मिसाइल पहुंच रही हैं, तो यह युद्ध के नए चरण का संकेत है.
वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस स्थिति को देश के लिए कठिन समय बताया और कहा कि देश हर चुनौती का सामना करेगा. इस हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है और आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं.