नई दिल्ली: ईद-उल-फितर का पवित्र दिन जहां दुनियाभर के मुसलमान खुशियां मना रहे थे, वहीं यरुशलम में एक बड़ा हादसा टल गया. ईरान ने इस दिन यरुशलम पर मिसाइल हमला किया, जो अल-अक्सा मस्जिद से कुछ ही सौ मीटर की दूरी पर जा गिरी. यह स्थल मुसलमानों के साथ-साथ ईसाइयों और यहूदियों के लिए भी अत्यधिक पवित्र माना जाता है. इजरायल ने इस हमले की पुष्टि की है और ईरान की कड़ी निंदा की है.
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान ने ईद-उल-फितर के दिन यरुशलम पर मिसाइल दागी. यह मिसाइल अल-अक्सा मस्जिद से कुछ ही सौ मीटर दूर जा गिरी. यह क्षेत्र मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों के लिए दुनिया के सबसे पवित्र स्थलों में शुमार है. इजरायल ने इसे ईरान के मुल्ला शासन का असली चेहरा बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की है.
इससे पहले 16 मार्च को भी ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के टुकड़े और इजरायली रक्षा प्रणाली के मलबे यरुशलम की पुरानी दीवारों वाले क्षेत्र में गिरे थे. यह क्षेत्र ईसाइयों, मुसलमानों और यहूदियों के सबसे पवित्र स्थलों के आसपास है. इजरायली पुलिस ने बताया कि इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन पवित्र स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
❗️What you see here is the result of Iranian missile fire. The Old City in Jerusalem, right near the Temple Mount, was impacted by Iranian missile fragments.
— Israel Defense Forces (@IDF) March 20, 2026
The Iranian regime once again proves they fire indiscriminately—whether at civilian areas or holy sites—all with the… pic.twitter.com/mACbtCNbkN
पुलिस द्वारा जारी तस्वीरों में तीन अधिकारी एक लाल टाइल वाली छत से धातु का बड़ा गोलाकार हिस्सा उठाते हुए दिखे. यह स्थान चर्च ऑफ द होली सेपुलचर के बिल्कुल करीब है, जहां ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था और उनका दफन स्थल माना जाता है. यह चर्च दुनियाभर के ईसाइयों के लिए सबसे बड़ी तीर्थस्थली है.
एक अन्य तस्वीर में अल-अक्सा परिसर के प्रांगण में पुलिस की घेराबंदी दिखाई दी. इसी परिसर में सुनहरे गुंबद वाला डोम ऑफ द रॉक भी स्थित है. यहां जमीन पर मिसाइल के छोटे-छोटे टुकड़े बिखरे हुए थे. यह स्थान मुसलमानों के लिए तीसरा सबसे पवित्र स्थल है, जबकि यहूदी इसे टेंपल माउंट कहते हैं और अपना सबसे पवित्र स्थान मानते हैं.
इजरायल ने इन हमलों के बाद यरुशलम के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. हालांकि अब तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन ईद के पवित्र दिन पर इस हमले ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है. इजरायल सरकार ने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है.