इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने मीडिया के सामने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त हवाई हमलों में ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमता खत्म हो गई है. उन्होंने कहा कि लगभग तीन हफ्तों से चल रहे हमलों में ईरान को भारी नुकसान हुआ है.
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान अब यूरेनियम एनरिच नहीं कर सकता. बैलिस्टिक मिसाइलें भी नहीं बना सकता. उन्होंने दावा किया कि ईरान पूरी तरह तबाह हो रहा है और हम जीत रहे हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडार को बड़े पैमाने पर कमजोर किया जा रहा है, फैक्टरियां जो मिसाइल और परमाणु हथियारों के पुर्जे बनाती हैं, उन्हें नष्ट किया जा रहा है.
इजरायल और अमेरिकी की सफलता को बताते हुए उन्होंने कहा कि ईरान का सैन्य ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है. हालांकि उन्होंने इन दावों से जुड़े कोई ठोस सबूत नहीं दिए. इतना ही नहीं उन्होंने इजरायल और ईरान के युद्ध में अमेरिकी की भूमिका पर भी बात कही. नेतन्याहू ने उन आरोपों को सिरे से नकार दिया कि इजरायल ने अमेरिका को युद्ध में खींचा. उन्होंने कहा कि क्या कोई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बताएगा कि क्या करना है? ऐसा बिल्कुल नहीं. ट्रंप हमेशा अमेरिका के हित में फैसला लेते हैं. दोनों देशों की सेनाओं और खुफिया एजेंसियों में गहरा तालमेल है. जिसके कारण हम अपने लक्ष्य को हासिल कर पा रहे हैं.
नेतन्याहू ने अमेरिका-इजरायल साझेदारी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि हम मध्य पूर्व और पूरी दुनिया की रक्षा कर रहे हैं. नेतन्याहू ने अपनी सेहत को लेकर चल रही अफवाहों का मजाक उड़ाया. उन्होंने फिर से कहा कि मैं जिंदा हूं, यह कहकर वह हंसने लगें. नेतन्याहू ने बताया कि ट्रंप के कहने पर इजरायल ने ईरान के बड़े गैस ठिकानों पर आगे के हमले रोक दिए हैं.
ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इजरायल ने यहां अकेले कार्रवाई की थी. हालांकि ट्रंप ने भविष्य के ऐसे हमलों को रोकने को कहा है, जिसे इजरायल मान रहा है. उन्होंने दावा कि ईरान के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है. नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के नेतृत्व में तनाव बढ़ रहा है, शासन में दरारें साफ दिख रही हैं. उन्होंने अब ईरान में जमीनी कार्रवाई की भी संभावना जताई है.