इंडोनेशिया के तट के पास समुद्र की गहराई में एक बड़ा गैस भंडार मिला है. यह खोज गहरे पानी में की गई है, जो इसे खास बनाती है. विशेषज्ञ इसे हाल के वर्षों की बड़ी खोज मान रहे हैं. इससे देश की ऊर्जा स्थिति मजबूत हो सकती है. यह खोज वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी अहम मानी जा रही है.
इटली की ऊर्जा कंपनी Eni ने इस खोज की पुष्टि की है. कंपनी लंबे समय से इंडोनेशिया में काम कर रही है. यह सफलता उसके लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. इस खोज से कंपनी की वैश्विक स्थिति भी मजबूत होगी. ऊर्जा क्षेत्र में इसका असर दूर तक देखने को मिल सकता है.
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस मौजूद है. इसके अलावा 300 मिलियन बैरल कंडेनसेट भी पाया गया है. यह मात्रा कई देशों की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक पूरा कर सकती है. अनुमान है कि यह भंडार भारत जैसे बड़े देश की दो साल की जरूरत पूरी कर सकता है.
यह गैस करीब 5,100 मीटर की गहराई में मिली है. वहीं समुद्र की गहराई लगभग 2,000 मीटर है. इतनी गहराई में ड्रिलिंग करना बेहद जटिल होता है. इसके लिए उन्नत तकनीक और भारी निवेश की जरूरत होती है. यही वजह है कि यह खोज तकनीकी रूप से भी खास मानी जा रही है.
यह नया गैस भंडार पहले से मौजूद गुला गैस फील्ड के पास स्थित है. इससे इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने में आसानी होगी. लागत कम करने में भी मदद मिल सकती है. भविष्य में उत्पादन तेज करने में यह बड़ा फायदा साबित हो सकता है. यह लोकेशन रणनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है.
इंडोनेशिया सरकार ने इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए विशेष टीम बनाई है. लक्ष्य रखा गया है कि 2028 तक उत्पादन शुरू कर दिया जाए. इसके लिए जरूरी मंजूरी और तैयारियां तेज कर दी गई हैं. सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता दे रही है.
इस खोज के बाद इंडोनेशिया में गैस उत्पादन बढ़ने की संभावना है. वर्तमान उत्पादन 700 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट प्रतिदिन है. इसे बढ़ाकर 2,000 मिलियन तक ले जाने का लक्ष्य है. अगर यह संभव हुआ तो इंडोनेशिया ऊर्जा बाजार में बड़ी ताकत बन सकता है. यह बदलाव वैश्विक सप्लाई पर भी असर डालेगा.