रूस में इन दिनों एक नई चर्चा तेजी से फैल रही है और यह चर्चा इंसान की उम्र को 150 साल तक बढ़ाने को लेकर है. वैज्ञानिक लगातार इस दिशा में रिसर्च कर रहे हैं और बताया जा रहा है कि एक खास जीन थेरेपी पर काम चल रहा है. इससे शरीर के बूढ़ा होने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है. अगर यह सफल होती है तो यह विज्ञान की सबसे बड़ी खोजों में से एक साबित हो सकती है.
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin लंबे समय से इस विषय में रुचि रखते हैं और रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने वैज्ञानिकों को इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं. माना जा रहा है कि सरकार इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दे रही है और इससे रूस को वैज्ञानिक क्षेत्र में बड़ी बढ़त मिल सकती है. पूरी दुनिया इस प्रोजेक्ट पर नजर बनाए हुए हैं.
रूसी वैज्ञानिक एक खास जीन पर काम कर रहे हैं, जिसका नाम RAGE बताया जा रहा है और यह जीन शरीर की कोशिकाओं के बूढ़ा होने से जुड़ा हुआ है. जब यह एक्टिव होता है तो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है, लेकिन अगर इसे ब्लॉक कर दिया जाए तो कोशिकाएं लंबे समय तक जवान बनी रह सकती हैं. इसी आधार पर एक नई दवा तैयार की जा रही है, जिसे दुनिया की पहली एंटी-एजिंग जीन थेरेपी कहा जा रहा है.
रूस के विज्ञान मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने दावा किया है कि उनका देश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है. फिर भी वैज्ञानिक इसे एक उम्मीद भरा क्षेत्र मान रहे हैं. उनका कहना है कि आने वाले समय में इस रिसर्च से बड़ी सफलता मिल सकती है, जिससे मेडिकल साइंस में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर उच्च स्तर पर निगरानी रखी जा रही है और कहा जा रहा है कि खुद पुतिन इस पर नजर बनाए हुए हैं. वैज्ञानिकों को नियमित रूप से प्रगति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है ताकि रूस इस क्षेत्र में दुनिया से आगे निकल सके और अपनी ताकत दिखा सके.
पिछले साल बीजिंग में Vladimir Putin और Xi Jinping के बीच एक बातचीत हुई थी, जिसमें लंबी उम्र को लेकर चर्चा सामने आई थी और कहा गया था कि इंसान 150 साल तक जी सकता है. इस बातचीत के बाद यह विषय और ज्यादा चर्चा में आ गया और लोगों के बीच जिज्ञासा बढ़ गई।
अगर यह दवा सफल हो जाती है तो इंसान की जिंदगी पूरी तरह बदल सकती है और उसकी उम्र पहले से कहीं ज्यादा हो सकती है. इसके साथ कई बड़े सवाल भी खड़े होंगे जैसे जनसंख्या पर दबाव और संसाधनों की कमी. फिलहाल यह रिसर्च शुरुआती दौर में है और आने वाले समय में ही साफ होगा कि यह सपना हकीकत बनता है या नहीं.