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India Daily

यमन के पास भारतीय जहाज पर हमला, समुद्र में डूबा पोत; 13 भारतीय समेत सभी 14 नाविक सुरक्षित बचाए गए

यमन के पास भारतीय जहाज एमएसवी फैज नूरे औलिया पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज डूब गया. यमन कोस्ट गार्ड ने 13 भारतीयों समेत सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया. भारत ने घटना की कड़ी निंदा की.

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यमन के पास भारतीय जहाज पर हमला, समुद्र में डूबा पोत; 13 भारतीय समेत सभी 14 नाविक सुरक्षित बचाए गए
Courtesy: X/@Vishii14

नई दिल्ली: यमन के समुद्री क्षेत्र के पास एक भारतीय जहाज पर हुए हमले ने समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है. हमले के बाद जहाज समुद्र में डूब गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि उसमें सवार 13 भारतीय नागरिकों सहित सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया. बचाव अभियान समय पर पूरा होने से एक बड़ा हादसा टल गया. घटना के बाद भारत सरकार ने इस हमले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे बिना किसी उकसावे के किया गया हमला बताया है.

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भारतीय जहाज एमएसवी फैज नूरे औलिया यमन के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था. इसी दौरान जहाज को एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया. हमले के प्रभाव से जहाज का संतुलन बिगड़ गया और वह समुद्र में पलट गया. कुछ ही समय बाद पूरा जहाज पानी में समा गया. घटना के कारणों और हमले के पीछे जिम्मेदार तत्वों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं.

यमन कोस्ट गार्ड ने चलाया बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही यमन कोस्ट गार्ड ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया. समुद्र में फंसे सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इनमें 13 भारतीय नागरिक भी शामिल थे. बचाव के बाद सभी को सुरक्षित मोखा बंदरगाह पहुंचाया गया. समय रहते चलाए गए अभियान की वजह से किसी भी नाविक की जान नहीं गई, जिससे राहत की सांस ली गई.

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

घटना के बाद भारत सरकार ने हमले की कड़ी निंदा की है. जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सामाजिक माध्यम एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारतीय जहाज पर किया गया यह हमला पूरी तरह बिना उकसावे के था. उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए इसकी निंदा की और सुरक्षित बचाव अभियान में सहयोग करने वालों का आभार भी व्यक्त किया.

समुद्री सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. फिलहाल सभी नाविक सुरक्षित हैं, लेकिन हमले की परिस्थितियों और इसके पीछे की वजहों की जांच आगे भी जारी रहेगी. भारत सरकार भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है.