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Potty दो 1.4 करोड़ लो! जानें कौन सी कंपनी दे रही ये ऑफर

कंपनी का कहना है कि आपकी पॉटी से आंतों की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को ठीक किया जा सकता है. इसके अलावा पॉटी से मानसिक रोगों को भी दूर किया जा सकता है.

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Courtesy: social media

इस दुनिया में लाखों-करोड़ों लोग ऐसे हैं जिन्हें केवल दो वक्त की रोटी के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. पाई-पाई जोड़ने के लिए उन्हें अपना खून-पसीना एक करना पड़ना पड़ता है लेकिन आज हम आपको एक ऐसी कंपनी के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको करोड़पति बनाने जा रही है और वो भी बिल्कुल मुफ्त में.

आपको अपनी सबसे खराब चीज को इस कंपनी को बेचना है जिसके बदले में कंपनी आपको एक दो लाख नहीं पूरे 1.4 करोड़ रुपए दे रही है. कंपनी आपसे आपकी पॉटी खरीद रही है और इसके बदले वह  आपको 1.4 करोड़ का भुगतान करेगी. आपको भले ही यह मजाक लग रहा हो लेकिन यह सोलह आने सच है.

पॉटी बेचकर बनें करोड़पति
ह्यूमन माइक्रोबेस (Human Microbes) नाम की कंपनी ने एक विज्ञापन दिया है जिसके मुताबिक, आपको कंपनी को अपनी पॉटी का सैंपल भेजना होगा. पॉटी के प्रत्येक सैंपल के लिए कंपनी आपको 41,000 रुपए का भुगतान करेगी और अगर आप रोज कंपनी को अपनी पॉटी का सैंपल भेजते हैं तो आपको हर साल 1 करोड़ 40 लाख रुपए मिलेंगे.

आपकी पॉटी देगी जीवनदान
आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह कंपनी आपकी पॉटी से क्या करेगी? तो जनाब कंपनी का दावा है कि आपकी पॉटी किसी इंसान की जान बचा सकती है.

Human Microbes कंपनी का मानना है कि किसी स्वस्थ इंसान की पॉटी के सैंपल को प्रोसेस कर आंतों की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति में इन्जेक्ट कर उसकी बीमारी को ठीक किया जा सकता है. कंपनी का यह भी मानना है कि इस तरह से गंभीर मानसिक समस्याओं को भी ठीक किया जा सकता है. यानी आपकी पॉटी लोगों को नई जिंदगी देने का काम करेगी.

कहीं से भी कंपनी को भेजें अपनी पॉटी
आप दुनिया के किसी भी कोने से कंपनी को अपनी पॉटी का सैंपल भेज सकते हैं. हालांकि कंपनी केवल उसी शख्स की पॉटी खरीदेगी जो पूरी तरह से फिट हो.

क्या पॉटी ठीक कर सकती है बीमारी
आपकी पॉटी किसी इंसान को ठीक कर सकती है. कंपनी ने इसका एक सबूत भी दिया है. जेन नाम की महिला ने बताया कि FMT (Fecal microbiota transplant) से उनकी बाइपोलर बीमारी ठीक हो गई.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ. आदिल फारूक मलिक ने बताया कि FMT  में एक स्वस्थ व्यक्ति के मल को मरीज के जठरांत्र संबंधी मार्ग में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे मरीज का माइक्रोबायोम (Microbiome) संतुलित हो जाता है. 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि FMT  बार-बार होने वाले क्लोस्ट्रीडियम डिफिसाइल संक्रमण (CDI) के इलाज के लिए काम कर सकता है, जो एक गंभीर कोलन संक्रमण है. हालांकि इस बात के पुख्ता सबूत नहीं है कि एफएमटी से मानसिक या अन्य रोगों को ठीक किया जा सकता है.

हालांकि कंपनी और जेन का दावा है कि वह पिछले 20 सालों से बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रही थीं लेकिन FMT के कारण उन्हें इस बीमारी से झुटकारा मिल गया. खैर आपकी पॉटी किसी की बीमारी ठीक कर सकती है या नहीं यह एक बहस का विषय हो सकता है लेकिन आप इस बहस में मत पड़िए. आप बस कंपनी को अपनी पॉटी भेजिए और लाखों कमाइए.