Human Head Transplant: चमत्कारों से भरी साइंस की दुनिया में आए दिन नए जादू देखने को मिलते हैं, हाल ही में एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक ने एक अपंग व्यक्ति के ब्रेन में चिप लगाकर उसे कंप्यूटर से कंट्रोल करने का दावा किया था लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक और छलांग लगाई है और वो कर दिखाया है जो अमरता के करीब है.
ब्रेनब्रिज नामक न्यूरोसाइंस और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग स्टार्टअप के वैज्ञानिकों ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए दुनिया का पहला हेड ट्रांसप्लांट सिस्टम बनाने का दावा किया है. यह मशीन आपके सिर और रीढ़ की हड्डी को दूसरे के किसी दूसरी बॉडी में ट्रांसप्लांट कर देगी. इसका मतलब है कि अब आप जब तक चाहें, तब तक जीवित रह सकते हैं. मानो अमरता का सपना सच हो रहा हो!
न्यूरोसाइंस और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग स्टार्टअप ब्रेनब्रिज ने इस हेड ट्रांसप्लांट सिस्टम को विकसित किया है. उनका दावा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रोबोटिक्स का उपयोग करके अगले 8 सालों में वे इसे हकीकत में बदल देंगे. कंपनी का कहना है कि वे इस सिस्टम का उपयोग करके मृत व्यक्ति के दान किए गए शरीर पर किसी दूसरे व्यक्ति का हेड ट्रांसप्लांट कर सकते हैं.
यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जिनका शरीर स्टेज 4 कैंसर से ग्रस्त है और मृत्यु निकट है. कुछ ऐसे लोग जो लकवाग्रस्त हैं और उनके शरीर के अंग काम नहीं कर रहे हैं. अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए भी ये तकनीक वरदान साबित हो सकती है.
🤖 BrainBridge, the first head transplant system, uses robotics and AI for head and face transplants, offering hope to those with severe conditions like stage-4 cancer and neurodegenerative diseases… pic.twitter.com/7qBYtdlVOo
— Tansu Yegen (@TansuYegen) May 21, 2024
विश्व भर के विशेषज्ञ इस दावे पर संदेह व्यक्त कर रहे हैं. कई इसे काल्पनिक बता रहे हैं. लेकिन ब्रेनब्रिज का दावा है कि उन्हें इसका मूल सूत्र मिल गया है और वे 8 सालों में इसे सफलतापूर्वक साबित भी कर दिखाएंगे.
इस क्रांतिकारी तकनीक के साथ कई नैतिक प्रश्न भी जुड़े हुए हैं: जैस कि क्या किसी दूसरे व्यक्ति के शरीर में अपना सिर लगवाना नैतिक रूप से सही है? मृत व्यक्ति के शरीर का क्या होगा? इस तकनीक का दुरुपयोग कैसे रोका जाएगा?
हेड ट्रांसप्लांट सिस्टम निश्चित रूप से मानव जीवन को बदलने की क्षमता रखता है. यह चमत्कार है या कल्पना, यह तो समय ही बताएगा. लेकिन यह निश्चित रूप से नैतिकता और समाज के लिए कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है, जिन पर गहन विचार-विमर्श की आवश्यकता है. यह ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है कि चिकित्सा विज्ञान में पहले भी कई असंभव लगने वाली चीजें संभव हो चुकी हैं. इसलिए, यह कहना जल्दबाजी होगी कि हेड ट्रांसप्लांट सिस्टम सिर्फ कल्पना है.