menu-icon
India Daily

Fact check: क्या हाफिज सईद को जेल में मिला जहर, अब ICU में भर्ती? जानिए वायरल दावे की सच्चाई

हाफिज सईद के बारे में सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें चल रही हैं. उसके बारे में कहा जा रहा है कि उसे जेल में जहर दे दिया गया है. उसकी मौत से जुड़ी अफवाहें पहले भी फैली हैं लेकिन क्या है सच्चाई, आइए जानते हैं.

India Daily Live
Fact check: क्या हाफिज सईद को जेल में मिला जहर, अब ICU में भर्ती? जानिए वायरल दावे की सच्चाई

पाकिस्तान का कुख्यात आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा का मुखिया हाफिज सईद पाकिस्तान की जेल में कैद है. टेरर फंडिंग के एक केस में संयुक्त राष्ट्र के दबाव के बाद पाकिस्तान ने उसे जेल में रखा है. अब सोशल मीडिया पर उसे जहर दिए जाने की एक खबर चल रही है. दावा किया जा रहा है कि हाफिज सईद को जेल में किसी ने जहर दिया है और अब वह गंभीर हालत में ICU में एडमिट है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि अब वह भी मुख्तार अंसारी की तरह दुनिया छोड़ चुका है. 

फैक्ट चेक: क्या सच में हाफिज सईद को मिला जहर?  
74 वर्षीय हाफिज सईद पाकिस्तान की जेल में बंद है. अभी तक उसके स्वास्थ्य के बारे में ऐसी कोई खबर सामने नहीं आई है. हाफिज सईद पूरी तरह से स्वस्थ है और जेल में ही बंद है. हाफिज सईद से जुड़ी खबर किसी भी पाकिस्तानी अखबार या वेबसाइट पर नहीं छपी है. सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा बेहद भ्रामक और गलत है. हाफिज सईद स्वस्थ है और अपनी सजा काट रहा है. उस पर टेरर फंडिंग के गंभीर आरोप हैं. 
 


नोट: हाफिज सईद को लेकर किया जा रहा दावा गलत है. किसी भी पाकिस्तानी अखबार, अधिकारी या वेबसाइट ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है.

कौन है हाफिज सईद?

हाफिज सईद भारत का नंबर वन वॉन्टेड आतंकी है. भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण के लिए वैश्विक स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश करती रही है. हाफिज सईद 26/11 मुंबई टेरर अटैक का मास्टर माइंड भी है. पाकिस्तान में रहकर हाफिज सईद अक्सर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देता है. कश्मीर में अशांति और घुसपैठ के लिए भी उसे जिम्मेदार ठहराया जाता है.

क्या-क्या हैं हाफिज सईद पर आरोप?
हाफिज सईद ने ही मुंबई आतंकी हमला प्लान किया था. पुलवामा अटैक में भी उसकी संलिप्तता की बात सामने आई है. भारत सरकार एक अरसे से उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है लेकिन अभी तक इसमें कामयाबी नहीं मिली है. हाफिज सईद कश्मीर में आतंकी हमले कराता है और टेरर फंडिंग में शामिल है. NIA भी उसकी भूमिका के बारे में पड़ताल कर रही है. वह भारतीय एजेंसियों की रडार पर है.