Hind Rajab: हिंद रजाब. एक 6 साल की बच्ची. गाजा में रहती थी. जी हां रहती थी. अब ये बच्ची नहीं. क्योंकि उसकी मदद के लिए भेजी गई फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी की एम्बुलेंस रास्ते में ही नष्ट हो गई. यानी इजरायल-हमास युद्ध का शिकार हो गई. बच्ची के पास मदद नहीं पहुंची और उसकी डेथ हो गई. बच्ची की मौत की खबर ने लोगों को इस तरह मायूस किया कि मंगलवार को कोलंबिया के हैमिल्टन हॉल को प्रदर्शनकारियों ने नाम बदलकर हिंद रजाब रख दिया. आखिर ये बच्ची है कौन? आइए इसके बारे में सिलसिलेवार से जानने की कोशिश करते हैं.
बीते 29 जनवरी को गाजा में हुए हमले में एक कार फंस गई थी. उस कार में हिंद रजाब अपने परिवार वालों के साथ सवार थीं. गाजा में हो रही भयावह गोलीबारी में हिंद और उसके रिश्तेदार उस स्थान से निकलने का प्रयास किया. लेकिन इजरायल हमास युद्ध ने उन्हें गाजा पट्टी से दूर जाने ही नहीं दिया.
हिंदी की कहानी सोशल मीडिया पर एक रिकॉर्डिंग के जरिए विश्व के सामने आई. इजरायली हमले में मारे जाने से पहले हिंद ने अपने परिवार वालों के साथ बातचीती की. उसी बातचीत का अंतिम क्षण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने एक 6 साल की बच्ची के प्रति सहानुभूति दिखाई.
हिंद और उसके परिवार- उसकी चाची, चाचा और तीन चचेरे भाइयों ने गाजा में हिंसा से भागने का प्रयास किया. लेकिन इजरायली सुरक्षाबलों ने उनकी कार को निशाना बनाया जिसमें हिंद के रिश्तेदारों की मौत हो गई. हिंद अकेली बची थी.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार किसी तरह 6 साल की हिंद आपातकालीन सर्विस के पास पहुंची. रेस्क्यू टीम से उसकी 3 घंटों तक बात चलती रही. उसके आखिरी शब्द थे-मैं बहुत डरी हुई हूं. प्लीज मुझे बचा लीजिए.
फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी सोसायटी ने हिंद को बचाने के लिए एंबुलेंस के साथ 2 पैरामेडिकल सहयोगी को भेजा. लेकिन एंबुलेंस रास्ते में इजरायली हमले का शिकार हो गई.
करीब 12 दिनों बाद हिंद के चाचा समीर हमाद ब्लैक किया कार के पास पहुंचे. हिंदू से एंबुलेंस की दूरी 50 मीटर थी. जो जली हुई थी. Red Crescent के मुताबिक हिंद राजब की मौत गोलीबारी से हुई.
बीबीसी से बात करते हुए हिंद रजाब की मा ने कहा- जिन्होंने मेरी और मेरी बेटी की आवाज सुनी है और रेस्क्यू नहीं कर पाए. मैं भगवान के सामने फैसले वाले दिन उनसे प्रश्न करूंगी. नेतन्याहू, बाइडेन और वो सभी जो हमारे खिलाफ एकजुट हुए हैं. मैं उनके लिए दिल की गहराइयों से दुआ करती हूं.