menu-icon
India Daily

दुनिया में बढ़ रहा परमाणु हथियारों का जखीरा, भारत ने भी बढ़ाए नंबर? जानें सबसे ऊपर कौन?

वैश्विक तनाव के बीच सभी देश शक्ति प्रदर्शन करने में जुटे हैं. SIPRI की रिपोर्ट के मुताबिक रूस, चीन और भारत ने तैनात परमाणु वॉरहेड की संख्या बढ़ाई है. आइए जानते हैं कि नंबर एक पर कौन है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
दुनिया में बढ़ रहा परमाणु हथियारों का जखीरा, भारत ने भी बढ़ाए नंबर? जानें सबसे ऊपर कौन?
Courtesy: AI

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच दुनिया के परमाणु हथियारों को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के ताजा आकलन के अनुसार, नौ परमाणु हथियार संपन्न देशों ने मिसाइलों और अन्य डिलीवरी सिस्टम पर तैनात वॉरहेड की संख्या बढ़ाई है.

जनवरी 2026 तक करीब 4,012 परमाणु वॉरहेड तैनात थे. यह पिछले साल के अनुमान से लगभग 100 अधिक है. इनमें से करीब 2,100 से 2,200 वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों पर हाई ऑपरेशनल अलर्ट की स्थिति में थे. इनमें अधिकांश रूस और अमेरिका के हैं.

रूस के पास सबसे बड़ा जखीरा

SIPRI के अनुसार रूस के पास कुल करीब 5,420 परमाणु वॉरहेड हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं. जनवरी 2026 में रूस के 1,796 वॉरहेड तैनात थे. यह पिछले साल के 1,718 के मुकाबले 78 ज्यादा है. रिपोर्ट के मुताबिक 2017 के बाद रूस का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है. अमेरिका करीब 5,042 परमाणु वॉरहेड के साथ दूसरे स्थान पर है. चीन के पास 620 और फ्रांस के पास 370 वॉरहेड हैं. वहीं, ब्रिटेन के पास 225 परमाणु वॉरहेड हैं.

भारत करीब 190 परमाणु वॉरहेड के साथ इस सूची में छठे स्थान पर है. रिपोर्ट के अनुसार भारत ने एक साल में अपने परमाणु हथियारों के भंडार में करीब 10 वॉरहेड की बढ़ोतरी की है. पहली बार मिसाइलों पर 12 वॉरहेड तैनात किए जाने का भी अनुमान है. भारत से पहले फ्रांस और ब्रिटेन हैं, जबकि पाकिस्तान के पास करीब 170 वॉरहेड बताए गए हैं. इजरायल के पास 90 और उत्तर कोरिया के पास करीब 60 परमाणु वॉरहेड होने का अनुमान है.

कुल वैश्विक भंडार में मामूली कमी

SIPRI के मुताबिक जनवरी 2026 में दुनिया में कुल करीब 12,187 परमाणु वॉरहेड थे. पिछले साल यह आंकड़ा 12,241 था. पुराने हथियारों को हटाने और नष्ट करने के कारण कुल संख्या में कमी आई है. हालांकि, सैन्य इस्तेमाल के लिए उपलब्ध स्टॉक में करीब 9,745 वॉरहेड होने का अनुमान है. रिपोर्ट के अनुसार भारत और चीन आने वाले वर्षों में अपने परमाणु हथियारों के जखीरे और क्षमता को बढ़ाना जारी रख सकते हैं.