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BRICS से पहले भारतीय नाविकों पर बड़ा खतरा, ईरान ने 21 लोगों की ऐसे बचाई जान

BRICS Summit 2026 से पहले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. 8 और 9 सितंबर को भारतीय क्रू वाले तीन विदेशी झंडे के जहाजों से जुड़ी घटनाएं सामने आईं.

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Edited By: Reepu Kumari
BRICS से पहले भारतीय नाविकों पर बड़ा खतरा, ईरान ने 21 लोगों की ऐसे बचाई जान
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय क्रू वाले जहाजों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बनती जा रही है. 8 सितंबर की रात करीब 11 बजे भारतीय समय के अनुसार जिम्बाब्वे के झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर रिस्को अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई की चपेट में आया. जहाज पर 21 भारतीय नाविकों का क्रू था, लेकिन घटना के समय वे टैंकर पर मौजूद नहीं थे. उन्होंने संकट को देखते हुए पहले ही जहाज खाली कर दिया था.

ईरान के बंदरगाह ने दी 21 नाविकों को सुरक्षित जगह

रिपोर्ट के मुताबिक, टैंकर से निकलने के बाद सभी 21 भारतीय नाविक ईरान के एक बंदरगाह पर सुरक्षित स्थान तक पहुंच गए थे. इसी वजह से अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई के बावजूद किसी भारतीय नाविक को नुकसान नहीं पहुंचा. यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण समुद्री रास्तों से गुजरने वाले जहाजों और उनमें मौजूद क्रू की सुरक्षा लगातार चिंता का विषय बनी हुई है.

फारस की खाड़ी में भारत से जुड़े 10 जहाज मौजूद

समुद्री प्रशासन निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी में फिलहाल भारतीय हितों से जुड़े 10 जहाज मौजूद हैं. इनमें भारतीय झंडे वाले जहाजों के अलावा वे विदेशी झंडे वाले पोत भी शामिल हैं, जो भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इन जहाजों की पहचान की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे जुड़े भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकालने के लिए समय रहते कदम उठाए जा सकें.

युद्ध शुरू होने के बाद सामने आईं कई घटनाएं

रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर संयुक्त हमले शुरू होने के बाद भारतीय जहाजों और नाविकों से जुड़ी घटनाएं सामने आती रही हैं. युद्ध शुरू होने के बाद भारतीय झंडे वाले जहाजों से संबंधित चार घटनाएं दर्ज हुई हैं. इसके अलावा भारतीय क्रू सदस्यों से जुड़ी करीब 50 घटनाएं सामने आई हैं, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

मोदी-पेजेश्कियन मुलाकात में उठा नाविकों का मुद्दा

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ द्विपक्षीय बैठक में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. पेजेश्कियन 11 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे हैं. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया.

BRICS से पहले समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी नजर

दिल्ली में BRICS Summit 2026 के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति भी अहम बनी हुई है. भारतीय क्रू वाले जहाजों से जुड़ी घटनाओं ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा की है. एक तरफ कई भारतीय हित वाले जहाज फारस की खाड़ी में मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षित आवाजाही पर नजर बनाए हुए है. ऐसे माहौल में ईरान के साथ हुई बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाती है.