menu-icon
India Daily

पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, आतंकी हाफिज सईद की शरण में पहुंचा पाक सरकार का मंत्री

फैसलाबाद स्थित इस कार्यालय में चौधरी ने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की. इस घटना से पाकिस्तान की “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” नीति फिर उजागर हो गई है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, आतंकी हाफिज सईद की शरण में पहुंचा पाक सरकार का मंत्री
Courtesy: Social media

भारत पर आतंकी हमलों की साजिश रचने वाला पाकिस्तान एक बार फिर अपनी दोहरी नीति के कारण सुर्खियों में है. प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के सहयोगी और गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने हाफिज सईद की संस्था से जुड़े नेताओं से मुलाकात की. चौधरी ने फैसलाबाद में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के कार्यालय जाकर पार्टी नेताओं से राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत की. यह वही संगठन है जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा का राजनीतिक चेहरा माना जाता है.

आतंकी संगठन से जुड़े दल के दफ्तर पहुंचे मंत्री

तलाल चौधरी की यह यात्रा फैसलाबाद के PMML हाउस में हुई, जो लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर है. यहां उन्होंने पार्टी नेताओं से सौजन्य भेंट की और खुलकर बातचीत की. PMML दरअसल हाफिज सईद की प्रतिबंधित संस्था जमात-उद-दावा का राजनीतिक मंच है, जिसने कई बार भारत विरोधी एजेंडा को बढ़ावा दिया है. यह पहली बार है जब किसी संघीय मंत्री ने इस संगठन के दफ्तर का दौरा किया.

हाफिज सईद की मौजूदगी और संगठन की भूमिका

26/11 मुंबई हमले का साजिशकर्ता हाफिज सईद फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है. 2019 से वह आतंक वित्तपोषण मामलों में सजा काट रहा है. इसके बावजूद उसका संगठन पाकिस्तान में सक्रिय है और राजनीतिक मंचों के जरिए अपनी पकड़ बनाए हुए है. PMML खुले तौर पर “लोकतांत्रिक प्रक्रिया” का हिस्सा होने का दावा करता है, लेकिन इसके तार आतंकी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं.

बातचीत के बहाने बढ़ा “राजनीतिक सहयोग”

PMML की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चौधरी और पार्टी नेताओं ने पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति और लोकतंत्र की स्थिरता पर चर्चा की. दोनों पक्षों ने देश में “एकता और सहयोग” पर जोर दिया. हालांकि यह मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है जब पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के अंतरराष्ट्रीय आरोप लगातार लग रहे हैं.

पहले भी नेताओं के रिश्ते रहे विवादों में

इससे पहले पंजाब विधानसभा के स्पीकर मलिक अहमद खान भी PMML की एक रैली में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने हाफिज सईद की प्रशंसा की थी. अब तलाल चौधरी की यह मुलाकात पाकिस्तान की सियासत और सुरक्षा नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. भारत के साथ पुलवामा और पहलगाम हमलों के बाद यह संकेत मिला है कि पाकिस्तान सरकार अब भी आतंकी संगठनों को राजनीतिक संरक्षण देती है.