नई दिल्ली: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उड़ान के दौरान हुई एक घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. मंगलवार को ट्रंप को ले जा रहा मरीन वन हेलिकॉप्टर वॉशिंगटन के ऊपर उड़ान भर रहे एक यात्री विमान के काफी करीब पहुंच गया. घटना के सामने आते ही फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा पर किसी तरह का खतरा नहीं आया.
शुरुआती जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर और यात्री विमान के बीच निर्धारित सुरक्षित दूरी पूरी तरह नहीं रह सकी. इसके बावजूद किसी टक्कर जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई. घटना के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भूमिका और उड़ान संचालन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे.
एफएए के मुताबिक यह घटना मंगलवार दोपहर हुई, जब ट्रंप का मरीन वन हेलिकॉप्टर वॉशिंगटन क्षेत्र से गुजर रहा था. उसी समय एक वाणिज्यिक यात्री विमान भी उड़ान भर रहा था. दोनों के बीच दूरी सामान्य सुरक्षा मानकों से कम होने के कारण पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. फिलहाल एयर ट्रैफिक कंट्रोल की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जा रही है.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा किसी भी समय प्रभावित नहीं हुई. उनके अनुसार मरीन वन का संचालन दुनिया के सबसे अनुभवी पायलटों द्वारा किया जाता है और उड़ान के दौरान राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित थे. प्रशासन ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और निष्कर्ष सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
एफएए ने बताया कि संबंधित एयर ट्रैफिक कंट्रोलर पूरे समय हेलिकॉप्टर और यात्री विमान दोनों के पायलटों के संपर्क में था. जांच का उद्देश्य यह समझना है कि दोनों विमानों के बीच सुरक्षित दूरी क्यों कम हुई. हालांकि फिलहाल किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है.
विमानन सुरक्षा नियमों के अनुसार उड़ान के दौरान विमानों के बीच न्यूनतम क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दूरी बनाए रखना जरूरी होता है. शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया है कि इस घटना में वही दूरी अपेक्षित स्तर से कम रह गई थी. इसी वजह से एफएए ने तकनीकी और परिचालन पहलुओं की गहन समीक्षा शुरू कर दी है.
रिपोर्ट के अनुसार घटना उस समय हुई जब मरीन वन हेलिकॉप्टर राष्ट्रपति ट्रंप को एंड्रयूज एयर फोर्स बेस लेकर जा रहा था. वहां से उन्हें एयर फोर्स वन के जरिए कैलिफोर्निया रवाना होना था. घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने दोहराया कि उड़ान सुरक्षित रही और राष्ट्रपति के कार्यक्रम पर इसका कोई असर नहीं पड़ा.